वाराणसी में स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 300 से ज्यादा लोगों ने लिया भाग
December 28, 2019 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार शनिवार 28 दिसम्बर 2019 वाराणसी। फोर्टिस हॉस्पिटल, नोएडा के डॉक्टरों की एक टीम ने वाराणसी के हेरिटेज हॉस्पिटल में 20 व 21 दिसंबर को एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। 'भूले हुए लोगों को याद करो' नाम के इस कार्यक्रम का उद्घाटन बीडीएस सचिव, श्री विशाल सिंह द्वारा किया गया, जिसमें पंद्रह वृद्ध आश्रम से 300 से ज्यादा लोगों ने भाग लिया। फोर्टिस हॉस्पिटल, नोएडा के हड्डी व जोड़ों की सर्जरी विभाग के आर्थोपेडिक एडिशनल डायरेक्टर, डॉक्टर ब्रिजेश कौशल और रूमेटोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार, डॉक्टर बिमलेश डी पांडे ने ठंड में बढ़ी समस्याओं और दर्द को लेकर मरीजों को मेडिकल परामर्श प्रदान किया।


शिविर में 300 से ज्यादा लोगों ने मुफ्त मेडिकल परामर्श का लाभ उठाया। मरीजों को मुफ्त में बी12 के इंजेक्शन देने के साथ उन्हें बल्ड प्रेशर, सी-रिएक्टिव प्रोटीन, बल्ड शुगर और एरिथ्रोसाइट सेडिमेंटेशन रेट टेस्ट की सुविधाएं भी प्रदान की गईं। वरिष्ठ डॉक्टरों ने लोगों को प्रिवेंटिव चेकअप, स्वस्थ शरीर, विभिन्न प्रकार की बीमारियों, सही निदान, इलाज और रोकथाम के बारे में जागरुक किया।
डॉक्टर बिमलेश डी पांडे ने बताया कि, “ठंड के मौसम में हड्डियों से संबंधित समस्याएं बढ़ जाती हैं। लोगों को चलने में समस्या होती है, उनके शरीर में जकड़न बढ़ जाती है और पीठ के निचले हिस्से व जोड़ों में दर्द बढ़ जाता है। यह स्थिति खासकर बुजुर्ग लोगों में देखने को मिलती है। उन्हें गर्माहट, विटामिन डी, सी और केल्शियम के सप्लीमेंट की बहुत जरूरत होती है। ऐसे लोगों के लिए धूप बहुत जरूरी है। अधिक से अधिक पानी के सेवन से हड्डियों का लचीलापन बना रहता है। बुजुर्गों को ठंड में होने वाली समस्याओं और उनकी रोकथाम के बारे में जागरुक करना आवश्यक है।”
डॉक्टर ब्रिजेश कौशल ने बताया कि, “हमारा मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवन के बारे में शिक्षित और जागरुक करना है। यदि लोगों को बीमारी के लक्षणों के बारे में पता होगा और शुरुआती निदान की महत्व को समझेंगे, तो आधी समस्याएं इसी से खत्म हो जाएंगी। इस शविर के जरिए हम बुजुर्ग लोगों को मुफ्त मेडिकल सुविधाएं प्रदान करने के साथ उन्हें जागरुक करना चाहते हैं। हम लोगों को स्वस्थ जीवन के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल के महत्व के बारे में जागरुक करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन आगे भी करते रहेंगे।