उबर ने सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता को और सशक्त बनाकर, नए सेफ्टी फीचर्स का ऐलान किया
January 18, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार शनिवार 18 जनवरी 2020 नई दिल्ली। उबर अपने राइडर्स और ड्राइवर पार्टनर्स के लिए नए सेफ्टी फीचर्स की रेंज लेकर आया है, जिसमें शामिल हैं- राईड चैक, जो ट्रिप की असामान्यताओं को डिटेक्ट करता है और आॅडियो रिकाॅर्डिंग, जिसे इस साल भारत में पायलट के रूप में रोल आउट किया जाएगा।  इन नए फीचर्स की घोषणा देश में उबर द्वारा आयोजित एक सबसे बड़े सुरक्षा केन्द्रित कार्यक्रम के दौरान की गई, सुरक्षा मानकों को सशक्त बनाना इनका मुख्य उद्देश्य है। ये फीचर्स सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की उबर की विश्वस्तरीय प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। 


यह नया सेफ्टी फीचर उबर को ट्रिप की असामान्यताओं को डिटेक्ट करने में मदद करेगा, जैसे लम्बे और अप्रत्याशित स्टाॅप, मिडवे ड्राॅप, जो कुछ मामलों में खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए जोखिम का संकेत हो सकते हैं। अगर ऐसी कोई असामान्यता पाई जाती है, तो उबर राइडर और ड्राइवर पार्टनर के साथ जुड़कर राईड चैक को प्रारम्भ करेगा। यह ट्रिप के दौरान उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने के लिए उबर द्वारा उठाया गया पहला सक्रिय कदम है, जो उन्हें आवश्यकतानुसार टूल्स उपलब्ध कराएगा।  
2020 में उबर भारत में एक अग्रणी सेफ्टी फीचर, आडियो रिकाॅर्डिंग को पायलट के रूप में रोल आउट करेगा। इसके शुरू होने के बाद राइडर या ड्राइवर पार्टनर के पास ट्रिप के दौरान अपने फोन के ज़रिए आडियो रिकाॅर्ड करने का विकल्प होगा। ट्रिप समाप्त होने के बाद उपयोगकर्ता के पास किसी सुरक्षा घटना को रिपोर्ट करने और आडियो रिकाॅर्डिंग सबमिट करने का विकल्प होगा। यह आॅडियो फाईल एनक्रिप्टेड होगी और उपयोगकर्ता अपनी डिवाइस पर स्टोर की गई रिकाॅर्डिंग को सुन नहीं सकेगा, लेकिन इसे उबर केे कस्टमर सपोर्ट एजेन्ट को भेज सकेगा, जो इस आॅडियो को सुन कर घटना को बेहतर समझ सकेंगे और उचित कार्रवाई कर सकंेगे। यूज़र के द्वारा सबमिट किए जाने के बाद सिर्फ उबर के पास ही इस आॅडियो का एक्सेस होगा।  
सेफ्टी पिन एक ट्रिप वैरीफिकेशन फीचर है, जो सुनिश्चित करता है कि ऐप के ज़रिए बुकिंग करने वाला राइडर ही कार में बैठ रहा है। राइडर को 4 अंकों का पिन मिलेगा, जिसे वे ट्रिप शुरू होने से पहले ड्राइवर पार्टनर को देंगे और ड्राइवर पार्टनर ऐप में सही पिन एंटर करने के बाद ही ट्रिप शुरू कर सकेगा। पिन के अलावा उबर ने बताया कि यह आधुनिक तकनीकों पर काम कर रहा है, जो भविष्य में अल्ट्रासाउण्ड तरंगों के इस्तेमाल द्वारा सेफ्टी पिन को स्वचालित रूप से संचरित कर सकेंगे इस तरह राईड स्वचालित रूप से वैरीफाय हो जाएगी। 
इस अवसर पर सचिन कंसल, सीनियर डायरेक्टर, ग्लोबल सेफ्टी प्रोडक्ट्स, उबर ने कहा, ‘‘हमारी ग्लोबल सेफ्टी प्रोडक्ट टीम ने सहज किंतु महत्वपूर्ण मिशन तय किया हैः राइडशेयरिंग सुरक्षा के लिए बेंचमार्क स्थापित करना। पिछले 3 सालों में, हम अपने प्लेटफाॅर्म पर सुरक्षा के मानकों को बढ़ाने के लिए कई सेफ्टी फीचर्स लेकर आए हैं। आज हम फिर से इन मानकों को और उपर उठा रहे हैं क्योंकि हम इस साल भारत में आॅडियो रिकाॅर्डिंग को पायलट केे रूप में शुरू कर रहे हैं, साथ ही राइड चैक फीचर को भी रोल आउट कर रहे हैं, जो लम्बे स्टाॅप या मिडवे ड्राॅप को डिटेक्ट करने में मदद करेगा। हमने दुनिया के विभिन्न देशों में इन फीचर्स को पायलट के रूप में संचालित कर चुके हैं, हमने सुनिश्चित किया है कि ये फीचर्स हमारे राइडर्स और ड्राइवर पार्टनर्स दोनों को लाभान्वित करें। उबर के लिए गोपनीयता बेहद महत्वपूर्ण है और ये सभी टूल्स इसे ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। आने वाले समय में भी हम इन तकनीकों में और सुधार लाते रहेंगे, ताकि हम अपनी हर राइड के ज़रिए हर व्यक्ति को 5-स्टार अनुभव प्रदान कर सकें।’’ 
उबर मानस फाउन्डेशन के साथ साझेदारी में अपने प्लेटफाॅर्म पर महिलाओं की सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए निरंतर निवेश कर रही है, जिसने उबर ड्राइवर पार्टनर्स के लिए हज़ारों कस्टमाइज़्ड लिंग संवेदीकरण कार्यशालाओं का आयोजन किया है। अब तक यह पहल भारत के आठ शहरों में 50,000 से अधिक ड्राइवर पार्टनर्स को संवेदनशील बना चुकी है। उबर 2020 में अधिक से अधिक ड्राइवर पार्टनर्स को संवेदनशील बनाने के लिए प्रयासरत है। 
सुरक्षा के प्रति समग्र एवं सहयोगपूर्ण दृष्टिकोण को महत्व देते हुए रेखा शर्मा, चेयरपर्सन, राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा, ‘‘आयोग यात्रा के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के पक्ष में रहा है और महिलाओं की सुरक्षा में सुधार लाने के लिए लिंग-संवेदी दृष्टिकोण को महत्व देता है। यह देखकर अच्छा लगता है कि उबर और मानस फाउन्डेशन हमारे सुझाव के अनुसार ड्राइवर पार्टनर्स के लिए लिंग संवेदीकरण प्रशिक्षण का संचालन कर रहे हैं। ये प्रयास न केवल लिंग परिवहन से जुड़ी असामान्यताओं को कम करेंगे, बल्कि महिलाओं के लिए परिवहन को सुरक्षित बनाने में पुरूषों की सक्रियता को भी सुनिश्चित करेंगे।