टेक्नोलॉजी स्टार्टअप भारत में ट्रक मालिकों का दिल जीता 
October 6, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार, मंगलवार 6 अक्टूबर 2020, नई दिल्ली। लॉजिस्टिक्स सेक्टर को सुचारु रूप से चलाने में ट्रक मालिकों की प्रमुख भूमिका है। वे वस्तुओं की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई सिरों पर बहुत कठिनाइयाँ झेलते हैं। संकट के समय में उनकी जिम्मेदारियां और कई गुना बढ़ जाती हैं। ट्रक मालिकों की मुसीबतों को समझना और उनका निवारण करना ही हमें एक महान देश बनाएगा। जो व्यवसाय अर्थव्यवस्था को चलाता है, उसे कुशल रूप से संचालित करना बहुत महत्वपूर्ण है। शुक्र है कि WheelsEye जैसे तकनीकी स्टार्टअप्स अपने ट्रकिंग प्रबंधन समाधान के साथ ट्रक मालिकों के मुद्दों को संबोधित करने में एक मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। 90 के दशक की शुरुआत में, लाल बाबू शाह काम की तलाश में बिहार से दिल्ली आ गए। एक मामूली पृष्ठभूमि से शुरुआत की और एक लॉजिस्टिक कंपनी के साथ काम करना शुरू किया। कुछ वर्षों तक काम करने के बाद, उन्होंने 1998 में अपनी खुद की डिलीवरी वैन सेवा शुरू करने का फैसला किया। वह दिल्ली के सुल्तानपुर पर बस गए। वे याद करते हैं : “जब मैंने शुरुआत की तब यहां बस झाड़ियों और चट्टानों का मैदान था। मैं यहां आया क्योंकि यह दिल्ली के सबसे दक्षिणी हिस्से में था और सभी लंबी दूरी की ट्रक यात्रा की शुरुआत / समाप्ति यहीं होती थी। हवाई अड्डे के निकटता ने क्षेत्र में कई अवसर यहां थे। पिछले 22 वर्षों में बहुत विकास हुआ है।


लाल बाबू आज भी उसी पार्किंग यार्ड से काम करते हैं जिसे 22 साल पहले किराए पर लिया था। मकान मालकिन या चौधराइन कहिये, 80 के दशक में एक महिला हैं, शांति से विशाल बरामदे में अपने हुक्के का आनंद लेती हैं। लाल बाबू शाह ने अपने लिए जो जगह अर्जित की है, उसके लिए वह बहुत खुश हैं और उनके लिए एक ममतामयी छाया भी हैं। अंदर से, ये पार्किंग यार्ड एक सामान्य वैन पार्किंग स्पॉट की तरह लगता है। लेकिन बाहर से, यह संकरी गलियों की कई परतों में लिपटा हुआ है जो कि गुड़गाँव के अस्तित्व में आने के बाद से विकसित हुईं। कभी झाड़ियों और खुली भूमि से आच्छादित एक शांतिपूर्ण इलाक़ा था, जो अब हर संभव दिशा में बस्ती के चिन्हों से घिरा हुआ है। बढ़े हुए निवासियों के साथ, सुल्तानपुर में अपराध दर बढ़ने लगी और लाल बाबू शाह अपनी नींद खोने लगे। 2002 में, उनकी वैन चोरी हो जाने के बाद, उन्होंने खुद यार्ड की रखवाली करने का फैसला किया और पार्किंग यार्ड में ही अपने परिवार से दूर सोने लगे। हालांकि रात में चोरी बंद हो गई, लेकिन अन्य जगहों से गाडी चोरी हुई है।
WheelsEye की ऐप की मदद से अब अपनी सभी वैन पर पूरा नियंत्रण अपनी उंगलियों से करते हैं। जब वैन चल रही होती है, तो वह रैश ड्राइविंग, वाहन चोरी, आनाधिकृत उपयोग आदि के मामले में ऐप से इंजन को बंद कर देते हैं और जब वाहन पार्क किए जाते हैं, तो वैन का इंजन शुरू करने से रोकने के लिए पार्किंग लॉक लगा देते हैं और शांति से सो पाते हैं। एक बार एक वैन चोरी हो भी गई थी। परन्तु घटना के बारे में पता चलने पर, अपने WheelsEye ऐप की मदद से वाहन की लोकेशन पुलिस को भेजी और इंजन मोबाईल से ही बंद कर दिया। तुरंत ही वाहन भी बरामद कर लिया।
लाल बाबू जी कई ऐसे संस्मरण बताते हैं जब WheelsEye ऐप से कई काम करने में मदद मिली। सटीक जीपीएस लोकेशन का उपयोग करते हुए, वह व्हाट्सएप पर लोकशन शेयर करते हैं और ड्राइवर के वेतन की गणना करने के लिए एप्लिकेशन से किलोमीटर लेते हैं। वह जीपीएस की सटीकता के बारे में बात करते नहीं थकते जो हर बार सही परिणाम के साथ समय और धन दोनों बचाता है। WheelsEye का उपयोग करते हुए, वह अब न केवल अपने सभी वाहनों को ट्रैक करने में सक्षम हैं बल्कि दस्तावेजों का रिकॉर्ड, ईंधन खरीद, फास्टैग और लोड की खोज भी कर पा रहे हैं। लाल बाबू अपने WheelsEye अनुभव से बेहद संतुष्ट हैं और कहते हैं: "अब WheelsEye के साथ हम चैन की नींद सो सकते हैं। 


लाल बाबू शाह के अनुभव के बारे में बात करते हुए, प्रवक्ता, सोनेश जैन ने कहा, “हमारे उत्पाद की वजह से ग्राहक की मन की शांति के बारे में सीखना एक बेहद सुखद अनुभव है। ट्रक परिवहन एक मुश्किल व्यवसाय है। हर वाहन टाइम बम की तरह है। जब तक वाहन EMI मुक्त नहीं होता है, तब तक लाभप्रदता पर ध्यान देने के लिए बहुत अधिक दबाव होता है। और जब कोई वाहन चली EMI  में चोरी हो जाता है, तो कोई भी लाभदायक परिवहन व्यवसाय असफल हो सकता है। जब आपके पास कई वैन, कई ड्राइवर होते हैं, तो हर समय चाबियाँ खो जाती हैं और डुप्लिकेट चाबियाँ बनाई जाती हैं। यहीं से वाहन चोरी की निरंतर संभावना बनती है।