टीसीआई एक्सप्रेस ने 31 दिसंबर, 2019 को समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा किया 
January 30, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार वीरवार 30 जनवरी 2020 नई दिल्ली। प्रदर्शन की मुख्य विशेषताएं: वित्त वर्ष 2020 क्यू3 बनाम वित्त वर्ष 2019 क्यू3
▪   संचालन से राजस्व में वित्त वर्ष 2019 के क्यू3 में 263 करोड़ रुपये की तुलना में वित्त वर्ष 2020 के क्यू3 में 268 करोड़ रुपये, 2.0% की वृद्धि
▪   वित्त वर्ष 2019 के क्यू3 में 32 करोड़ रुपये ईबीआईटीडीए की तुलना में, वित्त वर्ष 2020 के क्यू3 में 35 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए, 11.2% की वृद्धि
▪   वित्त वर्ष 2019 के क्यू3 में 12.0% पर ईबीआईटीडीए मार्जिन की तुलना में, वित्त वर्ष 2020 के क्यू3 में 13.1% पर ईबीआईटीडीए मार्जिन
▪   वित्त वर्ष 2019 के क्यू3 में 19 करोड़ रुपये के पीएटी की तुलना में, वित्त वर्ष 2020 के क्यू3 में 26 करोड़ रुपये का पीएटी, 36.4% की वृद्धि
▪   वित्त वर्ष 2019 के क्यू3 में में 7.1% की तुलना में वित्त वर्ष 2020 के क्यू3 में 9.5% का पीएटी मार्जिन
▪   बोर्ड ने प्रति शेयर 1.5 रुपये के दूसरे अंतरिम लाभांश की सिफारिश की।
▪   प्रति शेयर 3 रुपये का कुल लाभांश और वित्त वर्ष 2020 के 9 महीनों के लिए 16.4% का भुगतान
इस प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए, श्री चंदर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक, ने कहा मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इकोनॉमी के ज्यादा क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले कमजोर मैक्रोइकोनॉमिक माहौल के बावजूद, टीसीआई एक्सप्रेस ने एक मजबूत प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2019 के क्यू3 की तुलना में वित्त वर्ष 2020 में परिचालन से राजस्व साल दर साल के आधार पर 2.0% बढ़कर 268 करोड़ रुपये था। कंपनी ने 35 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए दिया, 11.2% की वृद्धि और मार्जिन इसी अवधि के दौरान 107 बीपीएस से बढ़कर 11.6% हो गया। वित्त वर्ष 2020 में कर के बाद का लाभ 26 करोड़ था, साल-दर-साल आधार पर 36.4% की वृद्धि, 9.5% के मार्जिन के साथ। रिवेन्यु वृद्धि लघु और मध्यम उद्योगों (एसएमई) ग्राहकों में वृद्धि से प्रेरित थी। परिचालन दक्षता और कुशल कार्यशील पूंजी प्रबंधन के कारण मार्जिन में मजबूत सुधार हुआ।


हम अपनी भौगोलिक उपस्थिति का विस्तार करना जारी रखते हैं और इस तिमाही में 10 नई शाखाएं खोली। इसका उद्देश्य मेट्रो शहरों में पहुंच बढ़ाना और एसएमई ग्राहकों का अधिग्रहण करना है। तिमाही के दौरान, हमने परिचालन क्षमता को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न पहलें लागू कीं, जिसके परिणामस्वरूप उच्च क्षमता के उपयोग और परिचालन लागत में कमी आई। एनजीटी के आदेश के कारण गुड़गांव में नए सॉर्टिंग केंद्र का निर्माण कार्य रुक गया था, लेकिन अब निर्माण वापस पटरी पर है और हम उम्मीद करते हैं कि अगले वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही से हम दोनों नए सॉर्टिंग केंद्र शुरू कर देंगे।
वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में घरेलू अर्थव्यवस्था को, क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के कमजोर होने के कारण लगातार मंदी का सामना करना पड़ा। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) तीन महीने के संकुचन के बाद नवंबर में सकारात्मक हो गया, हालांकि उपभोक्ता उपयोग, पूंजीगत सामग्री, बुनियादी वस्तुओं और बुनियादी ढांचे जैसे कई प्रमुख उपयोग-आधारित क्षेत्रों में अभी भी गिरावट देखी जा रही है। गैर-बैंकिंग क्षेत्र में सख्त ऋण शर्तों के कारण भी घरेलू मांग कमजोर हुई और निजी खपत घट गई। आर्थिक मंदी के साथ-साथ, उत्तर और पूर्वी क्षेत्र में राजनीतिक गड़बड़ी और विरोध के कारण लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भी कमी देखी गई।
हमें उम्मीद है कि सरकार अपने आगामी बजट में विनिर्माण को बहाल करने, कम खपत की मांग को पूरा करने और समग्र व्यापार विश्वास में सुधार करने के लिए एमएसएमई के समर्थन के लिए प्रमुख प्रोत्साहन पैकेज पेश करेगी।
हम अपने अनूठे मूल्य प्रस्ताव पर दृढ़ता से ध्यान केंद्रित करते हुए, परिचालन दक्षता को बढ़ाते हुए, विक्रेताओं के साथ साझेदारी की व्यवस्था को मजबूत करते हुए और आने वाली तिमाहियों में मजबूत वृद्धि प्रदान करने के लिए हमारे एसएमई क्लाइंट बेस को बढ़ाते हुए, अपनी दीर्घकालिक विकास नीति का अनुसरण करना जारी रखते हैं।