स्टैमजैन@स्टैमसैल एक्सप्रेस ने आयोजित की 5 वीं अंतर्राष्ट्रीय रिजेनरेटिव मेडिसिन कॉनक्लेव 2019
November 26, 2019 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार 26 नवंबर 2019 नई दिल्ली। सेल्युलर थेरेपी और रीजेनरेटिव मेडिसिन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके एक बेहतर और स्वस्थ दुनिया का निर्माण करने के उद्देश्य से, स्टैमजैन/ स्टैमसैल एक्सप्रेस ने होटल हॉलीडे इन, नई दिल्ली में रिजेनरेटिव मेडिसिन पर एक विशाल स्वास्थ्य सम्मेलन का आयोजन किया। दो-दिवसीय कार्यक्रम के तहत, सेल्युलर थेरेपी में कॉस्मेटिक गाइनिकोलॉजी, रिजेनरेटिव ऑर्थोपीडिक्स, पीड़ा प्रबंधन, चिकित्सा पर्यटन और नैदानिक परीक्षणों पर विविध सत्र हुए। सम्मेलन में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के प्रवक्ता व प्रोफेसर डॉ. मिशेल ज़ोची, डॉ. अयमान अल अत्तर, डॉ. कैरोलिन ई लूसिया, डॉ. रोनेन गोल्ड, डॉ. डब्ल्यूके लिम, डॉ. नतालिया कसज़ुबा, डॉ. सुजाता मोहंती, डॉ. शिल्पा शर्मा, डॉ. विपन भाटिया एवं डॉ. अन्ना गलेबा सहित 30 से कई राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय वक्ताओं की भागीदारी देखी गयी।


कॉनक्लेव के लिए स्टैमजैन थेरेप्यूटिक्स के सीईओ व सह-संस्थापक और सम्मेलन के आयोजन सचिव, डॉ. प्रभु मिश्रा ने कहा, “सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न स्टैम सेल के प्रयोग संबंधी ज्ञान और विचारों का गहन आदान प्रदान, उनकी विशेषताओं, जीन थेरेपी और स्टैम कोशिकाओं के स्कोप आदि के बारे में विचार विमर्श करना है। ऐसे चिकित्सकों के लिए यह कॉन्क्लेव संभावनाओं और उज्ज्वल पहलुओं का द्वारा खोलती है, जो स्वास्थ्य सेवा उद्योग के लिए असाधारण मार्ग अपनाने के इच्छुक हैं।”
सम्मेलन के दूसरे दिन चले सत्रों में भी विशेषज्ञों के बीच चर्चा हुई। जेनिटो, स्टैमसैल और मानव स्वास्थ्य में उच्च तीव्रता वाले फोकस्ड अल्ट्रासाउंड की भूमिका; वर्तमान परिदृश्य और भविष्य की संभावनाएं, लेज़र चिकित्सा की शक्ति और कॉस्मेटिक गाइनीकोलॉजी में इसके इस्तेमाल, इनफर्टिलिटी और न्यूरोलॉजिक रोग में में स्टैमसैल आदि विषयों पर बात की गयी।
स्टैमसैल सम्मेलन में खास तौर पर स्टैम सैल और रिजेनरेटिव मेडिसिन के जरिए स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में हुई तरक्की पर बात हुई। इस सम्मेलन के पीछे विचार यह है कि नई परियोजनाओं, विविध मामलों के अध्ययन, उन्नत प्रौद्योगिकियों और नवीनतम रिसर्च को एक मंच पर लाया जाये।