स्कूलों के बंद होने से ऑनलाइन एजुकेशन हमेशा के लिए बदलेगी
April 16, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार वीरवार 16 अप्रैल 2020 नई दिल्ली। स्कूल और कॉलेज को वड-19 के प्रकोप के कारण अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं, ऐसे में दुनिया भर के लर्नर घर बैठे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए (#CarryonLearning) ब्रेनली जैसे एडटेक प्लेटफॉर्मों की ओर रुख कर रहे हैं। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन लर्निंग कम्युनिटी ब्रेनली को भी अपने प्लेटफार्म पर एंगेजमेंट में बड़े पैमाने पर वृद्धि का अनुभव हो रहा है। अब यह विश्वस्तर पर 200 मिलियन मसिक उपयोगकर्ताओं द्वारा अपने भारतीय यूजर-बेस के बीच किए गए हलया सर्वेक्षणों से पता चला है कि इस अभूतपूर्व ब्रेक के कारण 57% छात्र अब ऑनलाइन क्लासेस ले रहे हैं, जो मध्य मार्च के 36% की तुलना में बहुत ज्यादा है और यह संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है।भारत में ऑनलाइन एजुकेशन सिस्टम की चुनौतियों को दूर करने के लिए एडटेक प्लेटफार्म लगातार विक सत हो रहे हैं। ये चुनौतियां छात्रों के लिए फुलटाइम लर्निंग अनुभव की अनुपलब्धता और प्रौर्यो गकी/नेटवर्क का सुलभ न होने से लेकर घर, आदि पर छात्र की प्रोडक्टिवटी की निगरानी में अक्षमता तक हो सकती हैं। कुछ मुद्दों के बावजूद एडटेक प्लेटफार्म ऑनलाइन एजुकेशन की ओर एक विस्तृत लर्निंग अनुभव के लिए बड़े यूजर-बेस को आकर्षित कर रहे हैं।


बेनत्री के सीईओ और सह-संस्थापक माइकल बोर्कोवस्की ने कहा, "हमारा अब पहले से ज्यादा विश्वास इस बात पर बढ़ गया है कि इस विनाशकारी वैश्विक महामारी में भी एक सिल्वर लाइनिंग हो सकती है और यह शिक्षा क्षेत्र को डिजिटल रूप में तब्दील करने में एक प्रमुख कै लस्ट के रूप में कार्य कर सकता है।
आज छात्र बड़े पैमाने पर गणत, इतिहास, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे मुख्य विषयों में अपने कौशल को मजबूत करने के लिए ब्रेनली का उपयोग कर रहे हैं। प्लेटफार्म उन्हें अपने स िथयों, विषय विशेषज्ञों और पेशेवर शिक्षकों के साथ जुड़ने, अपने विषयों पर चर्चा करने और मुश्किल सवालों के जवाब तलाशने की अनुमति देता है। ऑनलाइन एजुकेशन, सोशल मीडया और मशीन लर्निंग को मिलाने वाले 'कम्यूनिटी लर्निंग' मॉडल के साथ छात्रों को सहो गयों, मातापिता, शिक्षकों और विशेषज्ञों के एक बड़े नेटवर्क की सुविधा मिलती है, जो छात्रों को सहयोगी, लचीले और व्यापक सीखने के अनुभव के साथ सशक्त बनाता है। इस कंसेप्ट ने छात्रों को न केवल प्रश्न पूछने और उन्हें हल करने में सक्षम किया है बल्कि प्रॉब्लम-सॉल्वर की भूमिका भी दी है। 2018-19 से भारत में ब्रेनली का साल-दर-साल मसिक यूजरबेस 100% की वृद्धि के साथ 10 से 20मिलयन तक बढ़ गया है।
बोर्कोवस्की ने कहा, "हमारे लिए आश्चर्यजनक यह है कि न केवल लोग ब्रेनली पर सीख रहे हैं, बल्कि वह निरंतर मदद के लिए हाथ भी बढ़ा रहे हैं। हम अपने प्लेटफॉर्म पर पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या के मुकाबले में छात्रों और विशेषज्ञों द्वारा साझा किए गए उत्तरों और स्पष्टीकरणों की संख्या में तेजी से वृद्ध देख रहे हैं।