सिक्योर अल्ट्रालाइट लर्निंग मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर ने ऑनलाइन एजुकेशन को सभी के लिए सुलभ और सुरक्षित बनाया
June 9, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार, मंगलवार 09 जून 2020, नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी को देखते हुए, ऑनलाइन एजुकेशन वक्त की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है। ऑनलाइन क्लासेज करते समय फिलहाल स्टूडेंट्स को हो रही परेशानी को ध्यान में रखते हुए एक भारतीय कंपनी ने सिक्योर अल्ट्रालाइट लर्निंग मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर, Vu2Learn को लॉन्‍च किया है। इससे हजारों शिक्षण संस्थाओं को लाइव वर्चुअल क्लासरूम मिल गया है। 
अब घर पर दी जा रही शिक्षा से कई छात्र अवसरों को तलाश करने का प्रयास कर रहे हैं। Vu2Vu इंडिया Vu2Vu आयरलैंड और लमहास (LAMHAS) सैटेलाइट सर्विसेज लिमिटेड के बीच संयुक्‍त उपक्रम है। कंपनी ने भारतीय बाजारों में एक संपूर्ण लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) Vu2Learn (www.vu2learn.com) लॉन्च करने की घोषणा की है।  
लमहास (LAMHAS) सैटेलाइट सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मनोज शाह ने कहा, “हमें शुरुआत से बिना किसी तरह की मदद लिए इस प्रॉडक्ट को विकसित करने में लगभग साढ़े तीन वर्ष लग गए। यह पूरी तरह से भारत में विकसित हुआ है। यह मेक इन इंडिया के सभी मानदंडों को पूरा करता है। कोविड-19 संकट के खत्म होने के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) भारतीय यूनिवर्सिटीज के लिए ऐसे सिलेबस को डिजाइन करना जरूरी बना रहा है, जिसका 25 फीसदी हिस्सा ऑनलाइन हो। मौजूदा समय में हमें यह बेहतरीन अवसर मिल रहा है।
Vu2Learn शैक्षिक समुदाय को वह सभी ऑफर दे रहा है, जो सभी की ऑनलाइन शिक्षा तक पहुंच बनाने के मिशन को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी हैं। इसमें लाइव क्लासरूम, स्क्रीन शेयरिंग, रजिस्ट्रेशन कंट्रोल, तरह-तरह के डिवाइस पर एक्सेस, डिस्टिब्यूटेड इंस्ट्रक्टर और स्टूडेंट बेस, तथा कोर्स के कैलेंडर शामिल हैं। इसके अलावा शिक्षण संस्थान और यूनिवर्सिटी के संपूर्ण प्रबंधन के लिए इस सॉफ्टवेयर में रेकॉर्डेड क्लास सेशन, ट्यूटोरियल वीडियोज जैसे वीओडी, असेसमेंट, टेस्टिंग, ग्रेडिंग और स्कोरिंग की सुविधा शामिल है।   

                                                                                                                    
Vu2Learn का प्लेटफॉर्म इस तरह डिजाइन किया गया है, जो बैंडविथ पर बिल्कुल हल्का रहे। इसमें आधुनिक वेबआरटीसी और आसानी से फाइल को शेयर करने की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। 1 एमबीपीएस से कम की बैंडविथ पर मोबाइल फोन या लैपटॉप के जरिए स्टूडेंट्स इस प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकते हैं। इसके लिए उन्हें मोबाइल का डेटा खाने वाले ऐप को डाउनलोड नहीं करना होगा।
दुनिया भर में डेटा चोरी होने की सुरक्षा चिंताओं और हैकर्स की घुसपैठ के बीच Vu2Learn बेहद सुरक्षित ऐप है। आज यूज होने वाली मशहूर वेब या मोबाइल बेस्ड ऐप्स में Vu2Learn अपनी मजबूत संरचना के कारण बेहद सिक्योर है। Vu2Learn क्लासेज TLS v1.2  सर्टिफिकेट, RSA Key और SHA-256  सिग्नेचर एलॉगरिथम का इस्तेमाल करती है। इसके अलावा संस्थाओं के लिए LDAP, SAML2 और  SAT जैसी इंडस्ट्री की सबसे न्यूट्रल तकनीक से प्रामाणिकता भी उपलब्ध है।
भारत के 50 से ज्यादा टॉप रैंकिंग वाली पब्लिक और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज, कॉलेज और स्कूलों ने इस पायलट परियोजना में दिलचस्पी दिखाई है। इसमें से बहुत सारी शिक्षण संस्थाओं में ट्रायल किया जा रहा है। वह अपनी खास जरूरत के अनुसार इस सॉफ्टवेयर को ढाल रहे हैं। कोरोना वायरस के खत्म होने के बाद की दुनिया में ऑनलाइन एजुकेशन सबसे नई और नॉर्मल चीज बन जाएगी। इस माहौल में Vu2Learn दुनिया भर के कई हिस्सों में पहुंचने की उम्मीद कर रहा है।
Vu2Learn  सॉफ्टवेयर पूरी तरह क्लाउड पर बेस्ड है। इसके साथ ही साथ  यह “सॉफ्टवेयर ऐज ए सर्विस” सोल्यूशन के तौर पर ऑन-प्रिमाइस उपलब्‍ध है। इसके सिस्टम के लिए किसी महंगे हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर की जरूरत नहीं होगी। इस सॉफ्‍टवेयर का इस्तेमाल स्टैंडर्ड लैपटॉप, मोबाइल फोन और टैबलेट पर किया जा सकता है। इसके साथ ही डिजिटल पेन में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे Vu2Learn आज के दौर का सबसे व्‍यावहारिक समाधान बन गया है।
श्री शाह ने कहा, “Vu2Learn स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह इस सॉफ्टवेयर के प्रतिस्पर्धी प्रॉडक्ट्स की तुलना में एंटरप्राइज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का ऐड ऑन एक्सटेंशन नहीं है। आने वाले दिनों में Vu2Vu इंडिया एजूकेशन टेक्‍नोलॉजी सेक्टर में कई आधुनिक तकनीकों की पेशकश करेगा। इसके अलावा इस सॉफ्टवेयर से भारत में टेलीमेडिसिन सेक्टर की जरूरतों को पूरा किया जाएगा।