सम्भल के मदरसे में खेली जाती है फूलों की होली,कार्यक्रम में शामिल होंगे कृपाशंकर
March 1, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार रविवार 01 मार्च 2020 सम्भल। देश मे छोटी-छोटी बातों पर अक्सर साम्प्रदायिक विवाद और बवाल होते रहते हैं । लेकिन उत्तर प्रदेश के संभल की एक खास बात और है कि जनपद में हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल भी देखने को मिलती है। इसी एकता को बनाए रखने के लिए सम्भल के गाव मऊ भूड़ स्थित मदरसे में हर साल दोनों समुदाय के लोग मिलकर होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन करते हैं और फूलों की होली खेलते हैं। साथ ही गले लगकर एक दूसरे को होली की बधाई देते हैं। 


मऊ भूड़ स्थित अलीजान जमीयत उल मुस्लेमीन एजूकेशनल सोसायटी के मदरसा मौलाना मुहम्मद अली जौहर में पिछले कई वर्षों से होली मिलन समारोह किया जा रहा है। कार्यक्रम में मदरसे के छात्र, मुस्लिम समुदाय के तमाम लोग और हदू समुदाय के भी तमाम लोग शामिल होते हैं। कार्यक्रम हर साल होली से पहले या फिर इसके एक दो दिन बाद होता है । पर इस बार का आयोजन कुछ खास है जिसमें इंदौर के अर्जुन पुरस्कार विजेता पहलवान कृपाशंकर बिश्नोई भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे । कार्यक्रम 23 मार्च को सुबह 11:00 बजे आयोजित किया जाएगा।  इस कार्यक्रम के लिए मदरसा संचालक फिरोज खान की ओर से होली के पकवान भी बनवाए जायेगे। इन पकवानों को दोनों समुदाय के लोग फूलों की होली खेलते समय खाएंगे और इसका लुफ्त उठाएंगे । इस मदरसे में कई बार भारत माता की जय, वंदेमातरम के नारे गूंजे हैं तो गोरक्षा के लिए भी मुस्लिमों ने संकल्प भी लेते आये है। मदरसा संचालक तो समय-समय पर गोरक्षा के लिए कार्यक्रम आयोजित करते रहते हैं। जो इस मदरसे को एक बार देख लेता है वह यही कहता है कि यहां छात्रों को मुहब्बत का पाठ पढ़ाया जाता है।
फिल्म दंगल में मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान के साथ महिला अभिनेत्रियों को कुश्ती के गुर सिखाने वाले अर्जुन पुरस्कार विजेता पहलवान व भारतीय महिला कुश्ती टीम के कोच कृपाशंकर बिश्नोई ने कहा कि हमारी विचारधारा है कि पूरे भारत के लोग एक दूसरे के त्योहार को मिलजुल कर मनाएं। वैचारिक प्रदूषण पर्यावरण प्रदूषण से ज्यादा खतरनाक है। हमें अपने विचारों में सुधार लाना होगा और सभी की धार्मिक आस्था का ध्यान रखना होगा। मदरसा संचालक फिरोज खान बहुत ही नेक दिल इंसान है वे मदरसे में फूलों की होली मनाकर यह संदेश देना चाहते हैं कि सभी लोग इसी तरह मिलजुल कर त्योहार मनाएं। व देश से वैचारिक प्रदूषण व पर्यावरण प्रदूषण को समाप्त करें।