साइप्रस और ग्रीक निवेश योजनाएं भारतीय निवेशकों में हुई सबसे लोकप्रिय
December 3, 2019 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार मंगलवार 03 दिसम्बर 2019 नई दिल्ली। साइप्रस का सबसे बड़ा डेवलपर लेप्टोस एस्टेट्स साइप्रस और ग्रीस में रिहायशी एवं नागरिक योजनाओं का सबसे बड़ा और सबसे सफल प्रदाता है, जो हर साल ऐसी सैंकड़ों योजनाओं को प्रसंस्कृत करता है, जिनमें भारतीय निवेशकों का अनुपात लगातार बढ़ रहा है। इन्हीं फायदों के मद््देनज़रये देश अन्य देशों की तुलना में एक त्वरित, सस्ती एवं व्यापक रेज़ीडेन्सी-बाय-इन्वेस्टमेन्ट योजना पेश करते हैं। लेप्टोस के अनुसार युरोपीय संघ के ये दो देश सम्पन्न बड़े परिवारों वाले भारतीयों के लिए उत्कृष्ट चुनाव हैं, जहां वे अपने पारिवारिक कारोबारों का संचालन करते हैं।


प्रोफेशनल वेल्थ मैनेजमेन्ट द्वारा जारी रिपोर्ट भी उपरोक्त तथ्यों की पुष्टि करती है जिसके अनुसार साइप्रस रेज़ीडेन्सी-बाय-इन्वेस्टमेन्ट के लिए शीर्ष पायदान के 10 गंतव्यों में शामिल हैं, इनमें शामिल अन्य गंतव्यों में सेंट किट्स और नेविस, ग्रेनाडा, एंटिगुआ, सेंट लुसिया और आॅस्ट्रिया शामिल हैं। एक अन्य रिपोर्ट नाईट फ्रैंक वेल्थ रिपोर्ट 2019 के अनुसार 21 फीसदी अल्ट्रा-हाई नेट वर्थ लोगों ने भारत के बाहर घर खरीदने में रूचि दिखाई है।
अन्य लोकप्रिय योजनाओं की तुलना में अगर साइप्रस और ग्रीक रेज़ीडेन्सी की बात करें तो साइप्रस त्वरित एवं सहज रिहायशी विकल्प उपलब्ध कराता है; जहां आवेदनकर्ता मात्र 60 दिनों के बाद आधिकारिक नागरिक बन जाता है, साथ ही अनुमोदन से पहले और बाद में निवेश के लिए साइप्रस में रहना ज़रूरी नहीं होता। ग्रीस की योजना भी कुछ ऐसी ही है, जहां प्रसंस्करण में औसतन 10 दिन लगते हैं और निवासी 7 साल के बाद नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है।
ऐसी अन्य योजनाओं से तुलना करें तोः यूएसए में रेज़ीडेन्सी के लिए आपको 5 में से 3 साल तक देश में रहना ज़रूरी होता है और आपको अगले 8 सालों तक नागरिकता के लिए इंतज़ार करना पड़ता है; वहीं यूके में आपको हर साल 9 महीने के लिए देश में रहना पड़ता है और नागरिकता के लिए अगले 6.5 साल तक इंतज़ार करना पड़ता है। आॅस्ट्रेलिया में रेज़ीडेन्सी की बात करें तो आपको 5 में से दो साल तक देश में रहना पड़ता है और नागरिकता के लिए अगर 4 साल इंतज़ार करना पड़ता है।
आरबीआई ने प्रेषण योजना जारी की है। मौजूदा नियमों के मुताबिक, रेज़ीडेन्ट व्यक्ति प्रति वित्तीय वर्ष 250,000 डाॅलर तक प्रेषित कर सकता है। प्रेषित राशि को शेयर, ऋण उपकरणों में निवेश किया जा सकता है और इसका उपयोग विदेशी बाज़ार में अचल सम्पत्ति खरीदने के लिए भी किया जा सकता है।
भारतीय सांसदों ने देश की संसद के समक्ष एक विधेयक प्रस्तुत किया, जिसके मुताबिक भारतीय मूल के विदेशी लोगों के दोहरी नागरिकता की अनुमति मिलनी चाहिए। मौजूदा नियमों के अनुसार भारतीयों को अन्य देश की नागरिकता प्राप्त करने के बाद भारतीय नागरिकता को त्यागना होगा। 
हालांकि साइप्रस और ग्रीक रेज़ीडेन्सी देश में रोजगार की अनुमति नहीं देते, ये कारोबार करने की अनुमति भी नहीं देते। रेज़ीडेन्सी योजना पूरे परिवार को कवर करती है (जिसमें माता-पिता, दादा-दादी और 28 साल तक की उम्र के बच्चे शामिल हैं) और बड़े परिवार वाले या पारिवारिक कारोबार चलाने वाले सम्पन्न भारतीयों को साइप्रस या ग्रीक नागरिकता के लिए आवेदन की अनुमति नहीं दी जाती। स्थायी रेज़ीडेन्सी धारक किसी भी शेंगेन दूतावास के माध्यम से शेंगेन वीज़ा के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिसके प्राप्त होने के बाद रेज़ीडेन्टी आजीवन वैद्य होती है।
पेंटेलिस लेप्टोस, डिप्टी प्रेज़ीडेन्ट लेप्टोस ग्रुप आॅफ कंपनीज़ ने कहा, ''अक्सर हम देखते हैं कि खरीददार हमारे पास सीधे आ जाते हैं, क्योंकि हम सेवाओं की व्यापक रेंज उपलब्ध कराते हैं, जिसके चलते क्लाइंन्ट्स का तनाव कम हो जाता है। भूमि अधिग्रहण, डिज़ाइन और निर्माण, फर्नीशिंग, सम्पत्ति प्रबंधन से लेकर स्थानीय परामर्श तक हम सुनिश्चित करते हैं कि हमारे क्लाइंन्ट्स को पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन दिया जाए, उनकी हर ज़रूरत को पूरा किया जाए। हम उन्हें किराए और पुनःबिक्री की प्रक्रिया में भी मदद करते हैं।
साइप्रस और ग्रीस यूरोपीय संघ के देश हैं और यूरोपीय संघ की रेज़ीडेन्सी एवं नागरिकता को विश्वसनीयता की पहचान माना जाता है, इसीलिए यह रेज़ीडेन्सी प्रोग्राम इतना लोकप्रिय है। विशेष रूप से हाल ही के महीनों में इसके लिए आवेदन करने वाले भारतीय, मध्य पूर्वी और एशियाई आवेदनकर्ताओं की संख्या तेज़ी से बढ़ी है। ये नए सम्पन्न समुदाय द्वीप की लक्ज़री जीवनशैली और तेज़ी से विकसित होती अर्थव्यवस्था से आकर्षित हो रहे हैं। साथ ही एक खबर यह भी है कि हाई-प्रोफाइल भारतीय अरबपतियों ने साइप्रस के लिए अपने भारतीय पासपोर्ट को छोड़ दिया है।
आज बड़ी संख्या में लोग विश्वस्तरीय नागरिकता की ओर रूख कर रहे हैं, वे ऐसे देश में रहना चाहते हैं जहां उन्हें सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्यसेवाएं, शिक्षा, कारोबार, जीवनशैली मिले और वे यूरोपीय संघ के अंदर मुक्त रूप से यात्रा कर सकें। साइप्रस में सर्वोच्च गुणवत्ता के अन्तर्राष्ट्रीय स्कूल, निजी अस्पताल एवं मनोरंजन सुविधाएं हैं, हर साल यहां नवनिर्मित गुणवत्तापूर्ण सम्पत्ति तेज़ी से बढ़ रही है।''
सइप्रस इन्वेस्टमेन्ट प्रोग्राम के तहत साइप्रस में €2,000,000 या अधिक की सम्पत्ति खरीदनी होती है। यह योजना निवेशकों को यूरोपीय संघ में रहने, काम करने, यात्रा करने का अधिकार देती है, वे कनाडा, स्विट्ज़रलैण्ड और आईसलैण्ड सहित 155 से अधिक देशों में मुक्त रूप से यात्रा कर सकते हैं। रेज़ीडेन्सी योजना की तरह ये पूरे परिवार को कवर करती है और आजीवन वैद्य है। नागरिकों को 5 साल बाद अपनी प्राॅपर्टी बेचने का अधिकार भी मिल जाता है अगर वे €500ए000मूल्य को बनाए रखते हैं और रेंटल रिटर्न एवं पूंजी की मृल्य वृद्धि के साथ निवेशक को 5 साल के अंदर अपना शुरूआती निवेश मिल जाता है।
इन दो  देशों से लोगों की उम्मीदों की बात करें तो साइप्रस ने अपनी बुनियादी सुविधाओं में भारी निवेश किया है और बेहतरीन जीवनशैली गंतव्यों का निर्माण है। इनमें लिमासोल में नया दुबई पोर्ट वल्र्ड क्रूज़ टर्मिनल, यूरोप के सबसे बड़े कैसिनो रिज़ाॅर्ट का निर्माण, प्राइवेट जैट और याच सेवा, गोल्फ कोर्स और नई डिज़ाइनर रीटेल पेशकश; तथा ऐसी सुविधाएं और सेवाएं शामिल हैं, जो कई सम्पन्न भारतीयों को लुभा रही हैं।
इसी तरह ग्रीस यूरोप के सबसे लोकप्रिय रियल एस्टेट बाज़ारों में से एक बन गया है। जहां प्राॅपर्टी की कीमतें बढ़ रही हैं, पर्यटन के चलते रेंटल आय भी बढ़ रही है। ग्रीस का 20 से 22 फीसदी जीडीपी पर्यटन से आता है, यह आंकड़ा अन्य द्वीपों में और भी अधिक है, जहां पर्यटन तेज़ी से फल-फूल रहा है। उदाहरण के लिए 2018 में यहां 5 मिलियन से अधिक पर्यटक आए, जिससे क्षेत्र में रेंटल आय और निवेश के अवसर बढ़े हैं। लेप्टोस के पास तीन ग्रीक द्वीपों में बड़ी मात्रा में ज़मीन है और सैंटोरिनी, क्रेटे एवं पारोस में बेचने के लिए कई नई सम्पत्तियां हैं।
जब आप किसी अन्य देश में ज़मीन खरीदते हैं, आपको दोनों देशों- भारत एवं उस देश - के नियमानुसार कर कानूनों का पालन करना होता है। भारतीय कर कानूनों के मुताबिक भारत के निवासी को अपनी आयकर रिटर्न में अपने सभी विदेशी बैंक खाते तथा विदेशों में अचल सम्पत्तियों की घोषणा करनी होती है, फिर चाहे वे इससे कोई आय कमा रहे हों या नहीं। साइप्रस में सभी कंपनियों के लिए कोरपोरेट कर की दर मात्र 12.5 फीसदी है और जनवरी 2000 से एस्टेट ड्यूटी हटा दी गई है। जनवरी 2017 से अचल सम्पत्ति कर भी हटा दिया गया है। पहली €19ए500  सालाना आय कर से मुक्त है, जबकि €3ए420 से अधिक विदेशी पेंशन पर 5 फीसदी कर लगाया जाता है। लेप्टोस एस्टेट के विशेषज्ञ 75 देशों में मौजूद हें, जिनमें समर्पित नागरिकता एवं रेज़ीडेन्टी टीमें शामिल हैं, जो निवेशकों को पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।
लेप्टोस ग्रुप द्वीप पर बेजोड़ रियल एस्टेट सेवाएं पेश करता है, जिसमें आधुनिक, नवनिर्मित घर, लक्ज़री हिलसाईड मेंशन, बीच के सामने मौजूद अपार्टमेन्ट, समुद्री किनारों पर विलाज़ तथा वाणिज्यिक सम्पत्ति जैसे अस्पताल, कार्यालय, होटल तथा पफोस में नियापोलिस युनिवर्सिटी शामिल है।