रेज एक्सपर्ट्स और 10 मेगावॉट सोलर पॉवर प्लांट से हरियाणा के सिवानी को आत्मनिर्भर बनाया
September 17, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 17 सितम्बर 2020, नई दिल्ली। माननीय प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए भारत की अग्रणी सोलर ईपीसी और पार्क डेवलपर कंपनियों में से एक रेज एक्सपर्ट्स ने हरियाणा के सिवानी, जिला भिवानी में पहला सोलर पार्क सफलता से स्थापित कर लिया है। इससे हरियाणा के इस जिले को 10 मेगावॉट का सोलर पार्क मिला है और इसके साथ ही यह जिला भारत के सौर ऊर्जा उत्पादन के मानचित्र पर अंकित हो गया है। इस समय यह प्लांट पूरे क्षेत्र के लगभग 15000 घरों को रोशन कर रहा है।
इस नए सोलर प्लांट का विकास 40 मेगावॉट की परियोजना का हिस्सा है जो 150 एकड़ भूमि में फैली है। इसकी परिकल्पना 2017 में की गई थी। इस सोलर प्लांट से क्षेत्र को कई लाभ प्राप्त होंगे। सिवानी सोलर पार्क जीवाश्म ईंधन-आधारित थर्मल पावर उत्पादन सहित पारंपरिक बिजली स्रोतों पर हरियाणा की निर्भरता को कम करेगा। इससे क्षेत्र में कार्बन पदार्थों से होने वाले नुकसान में कमी आएगी, साथ ही अंतरण-उपभोक्ताओं को बिजली ट्रांसमिशन फी से छूट दी जाएगी। हरियाणा की कुछ कंपनियों से भी कम लागत में यहां बिजली बनाई जाएगी। यह उपभोक्ताओं के प्रति यूनिट बिजली शुल्क को 7 रुपए प्रति यूनिट से 2.5 रुपए प्रति यूनिट पर ले आएगा। रेज एक्सपर्ट्स के पार्क के बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए कई कंपनियों ने कैप्टिव मोड के तहत सोलर प्लांट्स स्थापित किए हैं।


रेज के सीईओ और एम.डी. राहुल गुप्ता ने कहा ‘‘वर्तमान में भारत एक महत्वपूर्ण बदलाव से गुजर रहा है। इसमें हम एक वैश्विक संरक्षक के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं। इससे यह स्पष्ट है कि हमारी कंपनी ‘मेक इन इण्डिया’ ‘इंटरनेशनल सोलर अलायंस’ जैसे वैश्विक मुद्दों पर वर्षों से भारत की रणनीति में अपना योगदान दे रही है और हमारी ओर से अक्षय ऊर्जा का वादा है। इसलिए, सिवानी सोलर पार्क भविष्य की भव्य योजना को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण है। राज्य का पहला सोलर  पार्क होने के नाते इस परियोजना ने भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता का एक नया अध्याय लिखा है और भारत को इस क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में उभरने की स्थिति में ला खड़ा किया है। उन्होंने कहा, हम इस परियोजना के लिए हरियाणा सरकार, एचवीपीएनएल, यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन के आभारी हैं। हम लंबे समय तक चलने वाली साझेदारी को तत्पर हैं, जो आगे चलकर हमें स्वच्छ, हरियाली-युक्त और आत्मनिर्भर भारत की ओर ले जाएगी।
यह डेवलपमेंट हरियाणा जैसे कठिन पॉलिसी क्षेत्र में हुआ है और यहां इससे पहले इसी तरह के कई प्रोजेक्ट्स या तो बंद हो गए या निर्धारित समयसीमा पर पूरे नहीं हो सके। 40 मेगावॉट के इस सिवानी प्रोजेक्ट के बोर में पहली बार विचार वर्ष 2017 में आया था और इसके पहले चरण (10-मेगावॉट बिजली उत्पादन) का काम जुलाई 2018 में एचईआरसी के पॉलिसी अप्रूवल के बाद शुरू हुआ तथा सितंबर 2019 में सरकार के नीतिगत बदलावों की वजह से इस प्रोजेक्ट की समयसीमा भी प्रभावित हुई।
रेज एक्सपर्ट्स ने कहा कि उनके पास आने वाले दो वर्षों के लिए 150 मेगावॉट के बुनियादी ढांचे के विकास के साथ हरियाणा के लिए आक्रामक अक्षय ऊर्जा परियोजना है। वर्तमान में उनके 700 से अधिक मेगावॉट क्षमता वाले सोलर प्लांट देश भर में स्थापित हो चुके हैं। यह लगातार अपना विस्तार कर रहा है। वर्तमान में कोविड-19 के प्रकोप के बावजूद, रेज एक्सपर्ट्स इस वित्तीय वर्ष में तीन और राज्यों में विस्तार की योजना बना रहा है।