प्राकृतिक सेनेटाईजेशन की प्रक्रिया अपनायी जाये : दारा सेना
May 3, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार, रविवार 03 मई  2020, नई दिल्ली। धर्मरक्षक श्री दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन की अध्यक्षता में वीडियों कान्फ्रेंसिंग के जरिये हुई हिन्दू संगठनों की बैठक में लाॅक डाउन को 2 हफ्ते के लिये बढ़ाये जाने को कोरोना महामारी से लड़ने के लिये लिया गया सही निर्णय बताया।


बैठक में दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और आई. आई. टी इंजीनियर श्री मुकेश जैन ने सरकार से अनुरोध किया कि इस लाॅक डाउन के दौरान वो उन सभी उद्योगों को प्राथमिकता से तुरन्त चालू करें, जिनमें किसी भी प्रकार के ईंधन जैसे कोयला, पराली, लकड़ी और तेल का इस्तेमाल किया जाता हो ताकि वातावरण में जीवाणुनाशक गंधक की मात्रा बढाई जा सके। 
श्री जैन ने चिन्ता जाहिर की कि कोरोना काल के इस संकट काल में भी राज्य सरकारों के अधिकारी गेहूं और सरसों की कटाई के बचे फसलों के अवशेषों को जलाने वाले किसानों को गैर कानूनी रूप से परेशान कर रहे हैं और उन पर जुर्माना भी कर रहे हैं। हिन्दू संगठनों के पास उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा आदि कई राज्यों से किसानों को गैर कानूनी रूप से जुर्माना लगाने और उन्हें परेशान करने की बात सामने आयी है जबकि न तो किसी राज्य सरकार ने ओर न ही केन्द्र सरकार ने ऐसा कोई कानून बनाया है जिसमें फसलों के अवशेष जलाने को मना किया गया है और इसे दण्डनीय अपराध बताया गया हो। ऐसे में जिन फसलों के अवशेषों का जलाने से वायुमण्डल को जीवाणु नाशक सल्फर डाई आक्साइ्रड और कार्बन के कण मिल रहे हैं और उनसे कोरोना के जीवाणुओं का खात्मा हो रहा है सरकार को उन्हे जलाने वालों को पुरस्कृत करना चाहिये। इसी के साथ सरकार को चाहिये कि वो इन्हें जलाने के लिये सभी किसानों के लिये एक तारीख और समय निश्चित कर दे ताकि उस दिन वातावरण में चीन के वुहान और चोंगकिंग की तरह सल्फर डाई आक्साईड की मात्रा 1300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पहुंच कर कोरोना महामारी का खात्मा करे। सरकार का यह कदम लाॅक डाउन के समय में बढ़ी मजदूरों की किल्लत के कारण अगली फसल की बुआई में हो रही देरी के कारण आने वाले वक्त के खादान्न संकट से उबरने में भी मददगार होगा।  
श्री जैन ने सरकार को चेताया कि कि हरित अधिकरण के चैयरमेन स्वतन्त्र कुमार और आदर्श कुमार गोयल ने एम सी मेहता, मनोज मिश्रा, मधु भादुड़ी, प्रशान्त भूषण जैसे नक्सली आतंकवादी गैंग द्वारा  डाली याचिकाओं पर जितने भी आदेश दिये उन सब के कारण वातावरण में जावाणुनाशक सल्फर डाई आक्साइड की मात्रा उसकी निर्धारित मात्रा 80 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर से 40 गुना कम यानि काफी कम 2 से 8 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रह गयी है जिसके कारण कोरोना जैसे विषाणुओं को साजिशन फलने फूलने का मौका देने की साजिश इन देशद्रोही जजों और वकीलों के टुकड़े-टुकड़े गैंग ने रची है। कूड़ा और पत्तियां जलाने पर रोक, फर्नेश आयल जलाने पर रोक, दीवाली के पटाखें जलाने पर रोक, पराली जलाने पर रोक यह सब इस गैंग की वातावरण से सल्फर चक्र को तोड़ कर सल्फर डाइ आक्साईड कम करके महामारी फैलाने का साजिशन रचा षडयन्त्र है जिसके लिये इन्होंने न केवल अपनी सीमा का अतिक्रमण किया बल्कि कानून बनाने की संसद की शक्ति का भी अतिक्रमण करने का घोर अपराध किया। जिसे इसी टुकड़े- टुकड़े गैंग के मास्टर माइंड दिल्ली के नक्सली आतंकवादी मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने मोगाम्बों खुश हुआ की तर्ज पर तुरन्त लागू किया। पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री रंजन गोगई द्वारा बताये जजों को फिरौती देने वाला यह गैंग आज भी सर्वोच्च न्यायालय में पैठ बनाकर जजों पर देश विरोधी फैसले लिखवाने का षड़यन्त्र रच रहा है।
दारा सेना और हिन्दू संगठनों ने दिल्ली में कूड़ा न जलाये जाने कारण दिल्ली के वातावरण में पनपी ग्रीन हाउस गैस मीथेन के कारण अचानक भारी संख्या में मच्छरों और मक्खियों के प्रजनन पर भी चिन्ता जतायी जिसके कारण हैजा की तरह की बीमारी उल्टी-दस्त बहुत बढ़ रहे है। हिन्दू संगठनों ने केन्द्र सरकार और दिल्ली के उपराज्यपाल से मांग की कि वो कोरोना जैसी महामारी के प्रकोप से निपटने के लिये दिल्ली में न केवल कूड़ा जलाने का आदेश दें बल्कि दूसरे राज्यों के ट्रकों को भी दिल्ली से ही पूर्व की तरह बिना टैक्स गुजारे। इसी के साथ दिल्ली में कोयला जलाने वाली फैक्ट्रियों को बढावा दे और बन्द किये गये पावर हाउस को भी चलाने के आदेश जारी करें। ताकि दिल्ली के वातावरण में साजिशन कम की गयी सल्फर डाई आक्साइ्रड की मात्रा बढ़ाकर प्राकृतिक सेनेआइजेशन के जरिये कोरोना के सर्वाधिक संकट के दौर से गुजर रही दिल्ली को राहत दिलायी जा सके।