पूर्ति विभाग में चल रहा है,गरीबों के खाद्यान्न का खेल
December 2, 2019 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार सोमवार 02 दिसम्बर 2019 (मुकेश कुमार),हमीरपुर। पूर्ति विभाग किस तरह से उपभोक्ताओं के भोजन पर डाका डाल रहा है।इसकी एक झलक मौदहा विकास खण्ड के ग्राम सिजनौडा और भैंसता ग्राम पंचायतों में देखने को मिलता है।जहां पर ग्राम भैंसता का कोटा पति और ग्राम पंचायत सिजनौडा का कोटा पत्नी के नाम पर एलाट किया गया है।और यह खेल करीब बीस साल से खेला जा रहा है।ग्रामीणों ने कई बार सम्पूर्ण समाधान दिवस और अन्य दिवसों मे भी दोनों दूकानदारों द्वारा की जा रही घटतौली और कालाबाजारी की शिकायत की है।लेकिन पूर्ति विभाग की शह पर चल रहे इस खेल के खिलाडियों पर कोई भी कानूनी कार्यवाही नहीं हो सकी है।इतना ही नहीं उक्त दोनों कोटेदारों ने पूर्ति विभाग की मिली भगत से दर्जनों बाहरी लोगों के राशन कार्ड पात्र गृहस्थी और अन्त्योदय बनवा लिये हैं।जिनकी सम्पूर्ण खाद्य सामग्री कालाबाजारी कर बेची जा रही है।इसके एवज में पूर्ति विभाग को हर माह गुलाबी गांधी के दर्शन करा दिए जाते हैं।नाम न छापने के आश्वासन पर कई कोटेदारों ने बताया कि प्रमाण पत्र जमा करने पर 500₹और 100₹चपरासी,200₹बाबू और एक रुपये लीटर मिट्टी तेल में व दस रुपये वीआईपी खर्च के नाम पर हरमाह कोटेदारों से लिए जाते हैं।तथा जन शिकायतें इसी लिए नजरअंदाज कर दी जाती हैं।और गरीब लोगों को रुपयों के चलते न्याय नहीं मिल पाता है।और वह आशा और विश्वास के साथ न्याय के लिए प्रार्थना पत्र ही देते रहते हैं।और अन्त मे कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद निराश होकर बैठ जाते हैं।ग्रामीणों ने गोपनीय तरीके से मण्डल आयुक्त से जांच की मांग की है।लेकिन लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद भी पूर्ति विभाग के अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं।और कोई जिम्मेदार कुछ कहने के लिए तैयार नहीं है।जो पूर्ति विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को दर्शाने के लिए काफी है।