पालघर में साधुओं की हत्या आतंकवादी ईसाई मिश्निरियों : दारा सेना
April 22, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार बुधवार 22 अप्रैल 2020 नई दिल्ली। धर्मरक्षक श्री दारा सेना द्वारा जारी वक्तव्य में महाराष्ट्र के पालघर के गडचिंचारे गांव में वहां के मिश्निरी ईसाई आतंकवादी गैंग द्वारा हिन्दू साधुओं और उनके ड्राइवर की नृशंश हत्या पर गहन दुःख प्रकट किया गया। वक्तव्य में दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने बताया कि पालघर का यह गडचिंचारे गांव एक 1200 जनसंख्या का ईसाई आदिवासी बहुल गांव है। यहां एक भी मुसलमान नहीं है। साधुओं की हत्या करने वाले ईसाई मिशनरियों द्वारा जबरन धमकी देकर बनाये ईसाई आदिवासी है। डेढ़ साल पहले जब इन गावों में आसाराम बापू जी के साधक दीपावली की मिठाई देने गये थे तो नक्सली आतंकवादी ईसाई पादरी मार्टिन ने यहां के ईसाईयों को 1-1 हजार रुपये देकर इन साधकों पर पत्थरों और डंडों से हमला कराया था। इनके आका ईसाई पादरियों सहित फांसी की सजा होनी चाहिए, हिंदुओं को भी सावधान रहने की जरूरत है जो धर्मान्तरण हो रहा है उसको रोकना होगा नहीं तो ये लोग संस्कृति और साधु.संतों और मन्दिरों को खत्म कर देंगे। साराम बापू के आश्रम के साधक और साध्विया बड़ी मुश्किल से जान बचाकर यहां से भागे थे।


श्री जैन ने बताया कि यहां के आदिवासी फिर से हिन्दू धर्म को न अपना लें इसी लिये इन इलाकों में किसी भी हिन्दू संयासी को नहीं आने दिया जाता। भगवा वस्त्र धारी हिन्दू संतों और देवी देवताओं के खिलाफ इतनी नफरत आतंकवादी ईसाई मिश्निरियां ही इन ईसाई बनाये आदिवासियों में भरती है। यहां का विधायक भी आतंकवादी ईसाई मिश्निरियां द्वारा बहकाया एक ईसाई है। जो सीपीआई का है। यें सब गौ मांस भक्षी टुकड़े-टुकड़े कन्हैय्या कुमार के गैंग के आतंकवादी ईसाई मिश्निरियां के बहकाये ईसाई हैं। 
श्री जैन ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि नक्सली गैंग के इन ईसाई हत्यारों को इनके  आका आतंकवादी ईसाई पादरियों सहित फांसी की सजा होनी चाहिए, हिंदुओं को भी सावधान रहने की जरूरत है जो धर्मान्तरण हो रहा है उसको रोकना होगा नहीं तो ये लोग संस्कृति और साधु-संतों और मन्दिरों को खत्म कर देंगे। श्री जैन पने कहा कि नक्सली आतंकवादी ईसाई मिश्निरियों का विनाश वैसे ही किया जाये, जैसे इन ईसाई आतंकियों द्वारा स्वामी लक्ष्मणानन्द की हत्या के बाद उडीसा सहित देश के 12 राज्यों में किया गया था। 2008 में स्वामी लक्ष्मणानन्द जी की नक्सली आतंकवादी ईसाई मिश्निरियों द्वारा की गयी हत्या के बाद इनके उन सभी आतंकवादी अड्डों में आग लगा दी गयी थी जिन्हें इन्होंने चर्च, ईसाई अनाथालय, ईसाई स्कूल, ईसाई मिश्निरी अस्पताल का छद्म रूप देकर नक्सली ईसाई आतंकवादियों के पनाहगार बना रखें थे।
श्री जैन ने बताया कि हमारी पुलिस को सर्वोच्च न्यायालय के नक्सली ईसाई आतंकवादी जजों ने हीजड़ा बना दिया है। पुलिस किसी पर लाठी चलाती है तो जजों और वकीलों का गिरोह पुलिस के खिलाफ जनहित याचिका लेकर खड़ा हो जाता है। पुलिस पत्थर खाती रहे गोली नहीं चलाये। नक्सली आतंकवादियों के अड्डों का बमों से नहीं उडाये। श्री जैन गुह मंत्री जी से पूछा कि जब सर्वोच्च न्यायालय के पुलिस को हीजड़ा बनाने वाले जजों और इनके दानवाधिकारी वकीलों पर पत्थर बरसेंगे तो क्या वें अपनी पुलिस को ऐसे ही खड़ी रखेंगे जैसे पालघर में हिन्दू सन्तों को नक्सली ईसाई आतंकवादी ईसाईयों द्वारा जान से मरवाने तक पुलिस खड़ी रही।
श्री जैन ने पालघर में साधुओं की हत्या को साजिश बताते हुए कहा कि टुकड़े- टुकडें गैंग के ईसाई आतंकवादी समझ रहे थे कि साधु-सन्तों को पत्थरों और डन्डों से मरवाकर उसका ठीकरा मुसलमानों के सिर पर फोड़ देंगें। किन्तु अब भन्डा फूट गया है कि साधुओं को मारने वाले आतंकवादी ईसाई मिश्निरियों के गैंग के ईसाई हैं। श्री जैन ने पालघर में साधुओं की हत्या, हिन्दू मुस्लिम दंगे करवा कर कोरोना फैलाकर हिन्दुओं को मरवाने की देशद्रोही केजरीवाल के नक्सली ईसाई आतंकवादी गैंग की यही साजिश. थी। सी आई ए और ईसाई मिश्निरियों के पाले नक्सलवादी ईसाई आतंकवादी केजरीवाल के टुकड़े.-टुकड़े गैंग ने जैसे आनन्द बिहार और बान्द्रा मुम्बई लाखों लोगों की भीड़ सड़को पर उतारकर तालाबन्दी तुड़वाकर देश में कोरोना महामारी फैलाने की साजिश रची है वह पूरे देश ने देखा ही है। कैसे केजरीवाल के लिये दिल्ली में 20 दिन रहकर चुनाव प्रचार करने वाले और शाहीन बाग में जाकर भाषण देने वाले टुकड़े. टुकड़े गैंग के देशद्रोही विनय दुबे ने कोरोना फैलाने के लिये बान्द्रा मुम्बई में लाखों लोगों की भीड़ सड़को पर उतारा। कैसे दिल्ली का दंगा केजरीवाल के नक्सली ईसाई आतंकवादी गिरोह के गुर्गे ताहिर हुसैन ने कराया। कैसे सर्वोच्च न्यायालय में केजरीवाल के नक्सली ईसाई आतंकवादी गैंग से जुड़े प्रशान्त भूषण और हर्ष मन्दर रोज याचिकाऐं लगाकर मजदूरो को घर भिजवाने की मांग कर रहे हैं। कैसे इसी गैग की अरूंधति राय हिन्दू-मुसलमानों में दंगा भड़काने की कौशिश कर रही है।
दारा सेना ने पालघर महाराष्ट्र में साधुओं की हत्या भी दंगे करवा कर कोरोना फैलाकर मरवाने की केजरीवाल गैंग की ही साजिश बताया। इस घटना पर इस गैंग की खामोशी यही बता रही है। 
दारा सेना ने देशवासियों को धर्य रखने की हिदायत देते हुए कहा कि अफजल खां ने जब छत्रपति शिवाजी पर हमला किया था तो उसने रास्ते में तुलजा भवानी का मन्दिर तोड़ा। गायों की हत्याये की। औरतों से बलात्कार किये ताकि शिवाजी धर्य खोकर किले से बाहर निकल आये। किन्तु छत्रपति शिवाजी ने सही वक्त आने पर अफजल खां का पेट फाड़ दिया।
दारा सेना के हिदायत दी कि हम गौ रक्षकों को पहले कोरोना से लड़ना है। कारोना की जंग जीतनी है। कोरोना चुन-चुनकर गौ भक्षियों को अपना शिकार बना रहा है। धर्य रखो। कोरोना एक भी गाय के मांस को खाने वाले को जिन्दा नहीं छोड़ेगा। तुम दंगों में मुसलमानों को मारने के लिये उन्हें छुओ और कोरोना से मरो, यही टुकड़े-टुकड़े गैंग के नक्सली ईसाई आतंकवादी गिरोह की हिन्दुओं को मारने की साजिश है जिसे कामयाब नहीं होने देना हैं।