निःशुल्क ई-लर्निंग पोर्टल 'ईएलआईएस' का शुभारंभ
April 13, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार सोमवार 13 अप्रैल 2020 नई दिल्ली। भारत में coVID महामारी के प्रकोप से छात्रों को अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और यह शैक्षणिक गतिविधि के लिए एक विघ्न उत्पन्न होने जैसी परिस्थिति है। सौभाग्य से, कई कंपनियां अब आगे आई हैं और उन्होंने अपने ई-लर्निंग कंटेंट को निःशुल्क शिक्षार्थियों को देने की पेशकश की है। डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने और छात्र समुदाय की परिस्थितियों का आकलन करने के बाद, उपयुक्त समाधान हेतु, AICTE द्वारा ELIS पोर्टल ((http://free.aicteindia.org/) का डिजाइन किया गया। इसका उद्घाटन 12 अप्रैल 2020 को प्रो अनिल सहस्रबुद्धे, अध्यक्ष AICTE द्वारा, प्रो एम पी पूनिया, उपाध्यक्ष AICTE, एवं प्रो राजीव कुमार, सदस्य सचिव, AICTE के साथ किया गया। इसका प्रारूप एवं विकास श्री बुद्ध चंद्रशेखर, मुख्य समन्वय अधिकारी, NEAT, AICTE की देखरेख मे NEAT सेल के अन्य सहयोगी डा इलांगोवन, देबानशु श्रीवास्तव एवं बलजीत सिंह द्वारा किया गया है।


ईएलआईएस पोर्टल सभी छात्रों को न केवल नियमित विषयों को सीखने के लिए प्रेरित करता है यद्यपि वास्तविक कार्य वातावरण में आवश्यक कौशलता के निर्माण मे भी अहम भूमिका निभाता है। पोर्टल पर ई-लर्निंग सामग्री को 26 विभिन्न पाठ्यक्रमों के साथ 18 प्रमुख एडटेक कंपनियों से प्राप्त किया गया है। सामान्य परिस्थितियों में ये चुनिंदा रूप से 5,000 रुपये से 20,000 रुपये तक की कीमतों पर उपलब्ध हैं। हालांकि, सभी भागीदार कंपनियों ने 15 मई 2020 तक बिना किसी लागत के वर्तमान लॉकडाउन अवधि में छात्रों को दाखिला देने की पेशकश की है। सभी कंपनियों ने पाठ्यक्रम को स्वतंत्र रखने के लिए भी सहमति व्यक्त की है। वास्तव में, अभी नामांकन करने वाले शिक्षार्थियों द्वारा पाठ्यक्रम पूरा होने तक कोई शुल्क देय नहीं होगा
प्रो सहस्रबुद्धे ने सभी कंपनियों को इस अवसर पर आगे आने और छात्र समुदाय के लाभ के लिए नि:शुल्क सामग्री की पेशकश करने के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि राष्ट्र COVID-19 महामारी से लड़ने के लिए एक साफ ढ़ता से आगे आया है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट जगत द्वारा इस तरह के प्रयासों से रचनात्मक और सकारात्मक व्यस्तताओं के साथ सामाजिक दूरी बनाए रखने में मदद मिलेगी और यह सभी छात्रों का प्रयास होना चाहिए कि वे घर में रहें और पाठ्यक्रमों में दाखिला लेकर अपने कौशल को बेहतर बनायें ।