नेक्स्ट लर्निंग प्लेटफार्म ऑफलाइन से ऑनलाइन लर्निंग आसान
June 13, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार, शनिवार 13 जून 2020, नई दिल्ली। महामारी के कारण स्कूलों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो गया है। बार-बार हो रहे बदलावों और अनिश्चित काल के लिए लॉकडाउन के बीच स्कूलों के लिए अपने टीचिंग-लर्निंग अप्रौच और शिक्षाशास्त्र की कल्पना नए सिरे से करने और फिर से मजबूत करना जरूरी हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए के-12 शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी नेक्स्ट एजुकेशन इंडिया प्रा.लि. स्कूलों को अपने 'नेक्स्ट लर्निंग प्लेटफॉर्म' के माध्यम से अपने टीचिंग-लर्निंग अप्रौच को नए सिरे से परिभाषित करने में सक्षम बना रहा है। यह एक इंटिग्रेटेड प्लेटफार्म है जो बिना किसी बाधा के रिमोट लर्निंग, एकेडेमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव कार्यों को सुविधाजनक बनाता है। भारतभर में 2000 से ज्यादा स्कूलों ने शैक्षणिक और प्रशासनिक संचालन की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए यह सॉल्युशन अपनाया है।

हाल ही में लॉकडाउन के मद्देनजर नेक्स्ट एजुकेशन ने नेक्स्ट लर्निंग प्लेटफॉर्म में एक लाइव लेक्चर फीचर भी जोड़ा है। इससे यह स्कूलों में ऑनलाइन जाने के लिए वन-स्टॉप सॉल्युशन है। अपने व्यापक ऑफरिंग के माध्यम से स्कूल अपने शिक्षण को ऑफ़लाइन से ऑनलाइन शिक्षण प्रणाली में शिफ्ट कर सकते हैं। इतना ही नहीं यह प्लेटफार्म अपनी पुरस्कार विजेता डिजिटल सामग्री, ऑनलाइन असाइनमेंट, पर्सनलाइज्ड असेसमेंट्स और तत्काल प्रतिक्रिया और मूल्यांकन के साथ छात्रों के ऑनलाइन लर्निंग अनुभव को बढ़ाने के लिए शिक्षकों को अपनी रणनीतियों को कस्टमाइज करने में भी मदद करता है। इस प्लेटफार्म का एक उल्लेखनीय लाभ यह है कि यह घर में स्कूल जैसा लर्निंग माहौल बनाता है। शिक्षकों को अपने घर के आराम में रहकर शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन को नियंत्रित करने और निगरानी का अधिकार देता है।
स्कूलों को अपने प्रबंधकीय कार्यों में सक्षम करने के लिए प्लेटफॉर्म स्कूल संचालन और संचार को आसानी से प्रबंधित करने के लिए नेक्स्टईआरपी (NextERP) प्रदान करता है। देशभर के स्कूलों में नेक्स्ट लर्निंग प्लेटफॉर्म की व्यापक स्वीकार्यता पर बोलते हुए नेक्स्ट एजुकेशन के सीईओ और सह-संस्थापक श्री ब्यास देव रल्हान ने कहा, “भले ही यह संकट विनाशकारी है, स्कूलों को तकनीकी रूप से उन्नत बना रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं है, शिक्षा प्रणाली के लिए ऑफ़लाइन से ऑनलाइन संक्रमण कई स्कूलों के लिए चुनौतीपूर्ण है। नेक्स्ट लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म के साथ यह आसान हो रहा है। हमारे इंटिग्रेटेड प्लेटफ़ॉर्म को 2000+ स्कूलों ने वर्चुअल स्कूल चलाने के लिए अपनाया है। नेक्स्टईआरपी (NextERP), नेक्स्टएलएमएस (NextLMS), लाइव लेक्चर, और नेक्स्ट लर्निंग प्लेटफार्म में और भी कई उपकरण स्कूल की अनोखी जरूरतों के अनुसार शैक्षणिक संचालन को विस्तार देने और पारंपरिक शिक्षण से परे लर्निंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि, “नेक्स्ट लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म को स्वीकारना और देशभर के स्कूलों की सकारात्मक प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि स्कूलों के लिए ई-लर्निंग टूल्स पर स्विच करना आवश्यक है और इससे वे लर्निंग को और अधिक उत्पादक व आकर्षक बनाने के लिए घर से काम भी कर सकते हैं। कार्यान्वयन और यूजर के अनुकूल इंटरफेस की आसानी से नेक्स्ट लर्निंग प्लेटफार्म बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुलभ बनाता है।
नोएडा के शेरोन इंटरनेशनल स्कूल की डायरेक्टर सुश्री मेघना सिंह कहती हैं, “नेक्स्ट लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म की लाइव लेक्चर सुविधा ने हमें ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने में मदद की है। लगभग 150 छात्र प्रतिदिन 20+ शिक्षकों के लेक्चर में भाग ले रहे हैं। यह टूल बहुत ही इंटरेक्टिव है जिसमें कोर्स इनबिल्ट है। संपूर्ण कार्यप्रणाली शिक्षकों को वैचारिक समझ को बेहतर तेज़ बनाने में मदद करती है। 
कर्नाटका पब्लिक स्कूल, हवेरी की प्रबंधन टीम श्री नागेंद्र माली और सुश्री सौम्या माली कहते हैं, “लॉकडाउन के दौरान लाइव लेक्चर सुविधा बहुत उपयोगी रही है क्योंकि यह शिक्षकों और छात्रों को रियलटाइम में जोड़ती है। यह वस्तुतः स्कूल चलाने में हमारी मदद करता है। अगला लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म एक इंटरैक्टिव प्लेटफ़ॉर्म है जहां अभिभावक शिक्षकों के साथ अपनी प्रतिक्रिया भी साझा करते हैं।
द इंपीरियल स्कूल, गंगानगर के डॉ. युवराज सिंह ने कहा, “हमें लगता है कि छात्रों की शिक्षा को जारी रखने की दिशा में नेक्स्ट लर्निंग प्लेटफार्म बेहतरीन कदम है। हम इस बात की सराहना करते हैं कि लाइव लेक्चर सुविधा के साथ, हम इस स्थिति में भी स्कूल चला रहे हैं। हम सभी ग्रेड के लिए कक्षाओं का संचालन करने के लिए हर रोज इन लेक्चर का उपयोग कर रहे हैं। लाइव लेक्चर कार्यभार को 50% तक कम करने में हमारी मदद करेगा। इसलिए नेक्स्ट लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म कोविड-19 महामारी के बीच छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इससे ऑफ़लाइन से लेकर ऑनलाइन शैक्षणिक संचालन तक एक निर्बाध संक्रमण सुनिश्चित होता है।