नागरिकता बिल के विरोध में एएमयू में फिर लगे हिंदुत्व मुर्दाबाद के नारे,दिल्ली कूच की तैयारी
December 11, 2019 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार बुधवार 11 दिसम्बर 2019 नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन बिल पर एएमयू छात्रों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को छात्रों ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी से लेकर यूनिवर्सिटी सर्किल तक बिल के विरोध में पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मशाल जुलूस निकाला। साथ ही बिल की प्रतियां फूंक डालीं और हिंदुत्व मुर्दाबाद के भी नारे लगाए। भड़के छात्रों ने एलान किया कि वह बुधवार को हालों में खाना नहीं खाएंगे और डायनिंग का बहिष्कार करेंगे। किसी भी कीमत पर बिल को लागू नहीं होने देंगे। आगे की रणनीति बनाने के लिए मंगलवार की देररात जनरल बाडी की बैठक बुलाई गई है। साथ ही दिल्ली कूच का एलान भी किया है। 


एएमयू में बिल के विरोध का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार की रात को विश्वविद्यालय के सभी आवासीय हालों के छात्र लाइब्रेरी के पीछे कैंटीन पर इकट्ठा हुए और इसके बाद हाथों में मशाल लेकर और बिल की प्रतियां जलाते हुए जुलूस आगे बढ़ा। छात्रों ने केंद्र विरोधी, गृह मंत्रालय विरोधी नारे लगाए और आजादी की मांग करते हुए हिंदुत्व मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। छात्रों के तेवर देखते हुए एएमयू प्रशासन छात्रों से दूर ही रहा। छात्रों का काफिला वीसी लाज होते हुए स्टाफ क्लब पहुंचा। यहां से गेस्ट हाउस और बाब ए सैयद होते हुए यूनिवर्सिटी सर्किल पर पहुंचा। यहां पर छात्रों ने एक सभा की। जिसमें कहा कि यह बिल मौलिक अधिकार और संविधान की भावना के खिलाफ है। पूरी तरह मुस्लिम विरोधी है।
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने कहा कि यह मशाल जलूस नागरिकता बिल के विरोध में निकाला गया है। हमारी अपील है कि राज्य सभा में सांसद इस बिल का समर्थन नहीं करें। सलमान ने कहा कि यह बिल केवल मुसलमानों के लिए ही नहीं बल्कि हिंदु समुदाय और हिंदुस्तानी संस्कृति के लिए भी खतरा है। 
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा है कि अब उन मुसलमानों को जरूर सोचना चाहिए, जो इस बिल के खिलाफ  बोलना तो छोड़िए, बल्कि जो लोग थोड़ी बहुत आवाज उठा रहे हैं, उनका मजाक बना रहे हैं। यह बिल आपकी शनाख्त तक को खत्म करने के लिए बनाया जा रहा है। आप इसको मजाक उड़ाकर उन सबका हौसला तोड़ रहे हैं, जो दूसरे मजहब के होकर खुलेआम हमारी लड़ाई लड़ रहे हैं। देश में शांति थी लेकिन भाजपा सरकार देश में गृह युद्ध कराना चाहती है।
आतंकवाद के फर्जी केसों में बंद मुसलमानों के लिए रिहाई मंच जैसी आर्गेनाइजेशन और उसमें राजीव यादव जैसे लोग जो आपके लिए दिन रात एक कर रहे हैं और आप चुप होकर उन सब पर हंस रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि गांधी, नेहरू, बाबा साहेब अंबेडकर, फुले मौलाना आजाद, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद की तरह असहयोग आंदोलन, साइमन कमीशन गो बैक, दांडी मार्च, खिलाफत आंदोलन जैसा एक आंदोलन करने का वक्त आ गया है। इस अवसर पर जैद शेरवानी, हमजा नोमान, जावेद, मसूद, अहमद मुस्तफा, असलम, अशरफ आदि सैकड़ों छात्र मौजूद थे।