मीडिया फल विक्रेताओं के जरिये हिन्दू-मुसलमानों में फसाद की साजिश : दारा सेना
April 28, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार मंगलवार 28 अप्रैल 2020 नई दिल्ली। धर्मरक्षक श्री दारा सेना ने जमशेदपुर में कुछ फल विक्रेताओं द्वारा अपनी दुकान पर विश्व हिन्दू परिषद द्वारा अनुमोदित हिन्दू फल विक्रेता लिखे बैनर लगाने और जमशेदपुर प्रशासन द्वारा उसकी दुकान से वह बैनर हटाने को मामूली घटना बताया गया। इस स्थानीय घटना को मीडिया द्वारा जबरदस्त तूल देकर हेमेन्त सरकार की हिन्दू विरोधी नीति बताना और भाजपा के केन्द्रीय नेताओं द्वारा इस पर दिये बयान को मीडिया की सुर्खिया बनाना संकट की इस घड़ी में मीडिया की हिन्दुओं और मुसलमानों में वैमनस्य बढ़ाने की साजिश बताया।


दारा सेना  के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने कहा कि इस मामले को लेकर काफी समय से सोशल मीडिया पर कुछ वीडियों वायरल हो रही है। जिसमें एक मुस्लिम फल विक्रेताओं को अपने केलों पर पेशाब का छिड़काव करते हुए दिखाया जा रहा है। किसी मुस्लिम तरबूज विक्रेता को सूखी नाली में रखे गये तरबूजों को उठाते हुए दिखाया गया है। पुलिस द्वारा ठेली को धक्का देने पर गिरी भिन्डी टमाटर को सीवर में से उठाते हुए एक मुस्लिम सब्जी विक्रेता को दिखाया गया है। इसी के साथ एक मुस्लिम फल विक्रता को अपने फलों पर थूक लगाते दिखाया गया है। यहां तक की मरकज में बरतन साफ करते मुस्लिमों को चम्मचों को मुंह लगाकर झूठा करते भी दिखाया गया है।  
श्री जैन ने कहा कि हम हिन्दू पहले से ही मुस्लिमों की इस अज्ञानता को समझते हैं और अपने धार्मिक संस्कारों के कारण मुस्लिमों से रोटी बेटी का नाता नहीं रखते। न तो मुसलमानों को अपने बर्तन में खाना देते हैं और नहीं उनके किसी भी शादी बयाह में कुछ खाते पीते हैं। इसकी झलक हमें गांधी फिल्म में भी दिखायी देती है। जहा रेल में पानी देने की सेवा करने वाले आवाज लगाते हैं कि हिन्दू पानी - मुस्लिम पानी। आज भी हम हिन्दू अपने पूर्वजों द्वारा महामारी से लड़ने के लिये दिये छुआछूत के संस्कारों के कारण किसी भी मुस्लिम हलवाई की दुकान से मिठाई नहीं लेते और वैष्णव ढाबों में ही खाना खाते हैं। किन्तु फल सब्जिया मुस्लिम दुकानों से खरीद लेते हैं। जिन्हे हम धोकर ही खाते हैं। इसके अलावा जो लड़का या लड़की मुस्लिमों में शादी कर लेते हैं, उनको भी समाज से निकाल देते हैं। यह सब हमारी वो धार्मिक मान्यताऐं है, जिनके कारण हम हिन्दू समाज को महामारी से बचाकर रखे हुए हैं।  
श्री जैन ने कहा कि जमशेदपुर में एक दो फलों की दुकानों पर विश्व हिन्दू परिषद द्वारा अनुमोदित हिन्दू फल विक्रेता लिखे बैनर लगाना और उसे मीडिया द्वारा बढ़ा चढ़ाकर दिखाना सारा टी आर पी का गन्दा धन्धा बताया। जो केवल और केवल सालों से साथ- साथ रह रहे हिन्दुओं और मुसलमानों में फसाद कराने के लिये और पालघर में आतंकवादी ईसाई मिश्निरियों द्वारा हिन्दू सन्तों की निर्मम हत्या की खबर को दबाने के लिये किया गया है। श्री जैन ने कहा कि हमारे माननीय सरसंघ चालक श्री मोहन भागवत जी ने भी कोरोना संकट की इस घड़ी में सभी को साथ लेकर चलने को कहा है। श्री जैन ने कहा कि जो लोग इस घटना पर दिखा रहे हैं कि देखों यह अरमान मुस्लिम होटल लिखा हुआ है इसे प्रशासन ने नहीं हटाया जबकि विश्व हिन्दू परिषद द्वारा अनुमोदित हिन्दू फल विक्रेता लिखे बैनर हटा दिये हैं। उनको याद रखना चाहिये कि प्रशासन ने आज तक हिन्दू होटल लिखा हुआ कोई भी बोर्ड या बैनर नहीं हटाया है। और जिस बैनर विश्व हिन्दू परिषद द्वारा अनुमोदित हिन्दू फल विक्रेता को हटाने पर मीडिया का देशद्रोही बिकाउ वर्ग जिस प्रकार की हाय तौबा मचा रहा है ओर हेमेन्त सरकार को कोस रहा है, उस बैनर को लगाने की स्वीकृति न ही केन्द्रीय विश्व हिन्दू परिषद ने दी और न ही झारखण्ड सरकार ने उसे हटाने का कोई कानून बनाया। यह स्थानीय प्रशासन द्वारा लिया निर्णय है।
दारा सेना ने कोरोना की संकट की घड़ी में सरकार से मांग की कि वो सजग रह कर हिन्दुओं और मुसलमानों को भड़काने में लगे मीडिया पर तत्काल रोक लगाने के लिये एडवाईजरी जारी करे। इसी के साथ हिन्दू सन्तों और मौलानाओं के जरिये टी वी पर बयान दिलाकर कोरोना महामारी से बचने के लिये अपनाये जाने वाले छुआछूत सम्बन्धी नियमों को प्रसारित कराये ताकि अज्ञान के अंधेरे में रह रहे मुस्लिमों भी जागरूकता आये।