मेदान्ता ने टीबी-मुक्त हरियाणा की प्रतिबद्धता के साथ लॉन्च किया ‘टीबी फ्री ब्लॉक पटौदी’
December 1, 2019 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार रविवार 01 दिसम्बर 2019 पटौदी। भारत को टीबी मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता को जारी रखते हुए मेदान्ता (www.medanta.org) की प्रमुख पहल मिशन टीबी फ्री हरियाणा ने इंटरनेशनल यूनियन अगेन्स्ट ट्यूबरकुलोसिस एण्ड लंग डिज़ीज (The Union https://www.theunion.org/), भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कलयाण मंत्रालय के केन्द्रीय टीबी विभाग और हरियाणा सरकार के सहयोग से ज़िले में टीबी के निदान एवं उपचार के स्तर में सुधार लाने के लिए 'टीबी फ्री ब्लॉक पटौदी' का लॉन्च कल किया गया है।


'टीबी फ्री ब्लॉक पटौदी' अगले 2 सालों में पटौदी ब्लॉक के 142 गांवों में 6 लाख आबादी की स्क्रीनिंग करेगा। मेदांता के स्वयंसेवी एवं आशा कर्मचारी, ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग से घर-घर जाकर उन लोगों की स्क्रीनिंग करेंगे, जिनमें टीबी की संभावना है। जिन लोगों को कफ़ के लिए पॉज़िटिव पाया जाएगा, उन्हें कैम्प में छाती के एक्सरे, स्पुटम जांच एवं जीन एक्सर्प्ट सुविधाओं के लिए बुलाया जाएगा, ये सुविधाएं एक मोबाइल वैन में उपलब्ध कराई जाएंगी। निदान की पुष्टि एक ही दिन में हो जाएगी और इसके परिणाम एक विशेष मोबाइल ऐप्लीकेशन पर उपलब्ध होंगे, जिसे मेदान्ता की इन-हाउस टीम द्वारा विकसित किया गया है।
डॉ नरेश त्रेहन, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, मेदान्ता ने कहा, ''हर साल भारत में टीबी के 850000 से अधिक मामलों का न तो निदान होता है और न ही उपचार होता है, यह देश के लिए एक बड़ी चुनौती है। जांच और निदान रोग के प्रबंधन एवं रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वर्तमान में बड़ी संख्या में मरीज़ों का निदान नहीं हो पाता, जिसके चलते देश में टीबी का बोझ बढ़ता चला जा रहा है। निजी क्षेत्र टीबी की रोकथाम एवं उपचार द्वारा इसके उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूकिा निभा सकता है। 'टीबी फ्री ब्लॉक पटौदी' एक संयुक्त पहल है तथा हरियाणा को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास है।
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात सांस रोगों के विशेषज्ञ डॉ बोरनाली दत्ता, डायरेक्टर, पल्मोनरी मेडिसिन, रेस्पीरेटरी एवं स्लीप मेडिसिन, मेदान्ता ने कहा, ''भारत को टीबी मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता के साथ हम पिछले छह सालों में अपने मिशन टीबी फ्री हरियाणा के माध्यम से 25000 मरीज़ों की स्क्रीनिंग कर चुके हैं। मिशन टीबी फ्री पटौदी के दोहरे लक्ष्य हैं- अगले दो सालों में ब्लॉक से टीबी का उन्मूलन करना और ऐसे लागत प्रभावी मॉडल का विकास करना जिसे देश भर में अपनाया जा सके। क्योंकि टीबी के मरीज़ कई महीनों तक स्वस्थ दिखाई देते हैं इसलिए इस रोग के निदान में देरी होती है। लोग आमतौर पर डॉक्टर के पास तब तक नहीं जाते, जब तक वे बीमार न हों। इसीलिए लोगों को टीबी के बारे मंे जागरुक बनाना ज़रूरी है क्योंकि समय पर निदान एवं उचित इलाज द्वारा टीबी का इलाज संभव है।''
मिशन टीबी फ्री हरियाणा के बारे में :-
मिशन टीबी फ्री हरियाणा की शुरूआत 2015 में हुई।  देश के वंचित ग्रामीण इलाकों में टीबी के निदान के स्तर में सुधार लाना, इसका उन्मूलन कर देश में इसके बोझ को कम करने में योगदान देना इसका मुख्य उद्देश्य है। इस पहल के तहत हरियाणा के 21 ज़िलों को चार-ज़िलों पांच क्लस्टर्स में बांटा गया और हर क्लस्टर में एक्स-रे मशीन से युक्त एक वैन उपलब्ध कराई गई जो मरीज़ों की स्क्रीनिंग में मदद करती है। मिशन टीबी फ्री हरियाणा की सफलता के बाद मेदान्ता-द मेडिसिटी ने झारखण्ड ओर रांची में भी इस मिशन  को लॉन्च किया अैर इसे अब अन्य ज़िलों में भी विस्तारित किया जाएगा।