मेदांता की कोविड मरीजों के लिए सुरक्षित प्रतिबद्धता
May 21, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 21 मई 2020, गुरुग्राम। कारोना (कोविड-19) महामारी के दौरान, विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा देने की निरंतरता में, मेदांता ¼https://www-medanta-org/½s ने अपने कड़े, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आधारित संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल को सबसे अधिक सुनिश्चित करने के लिए प्रबलित किया। रोगी की सुरक्षा का स्तर मेदांता का कोविड़ सुरक्षित वातावरण पूरे अस्पताल परिसर में रोगियों की अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
डॉ नरेश त्रेहन, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, मेदांता, ने कहा, “अस्पतालों में इस चुनौतीपूर्ण वातावरण के दौरान रोगियों के इलाज के लिए परिस्थितयां और भी अनुकूल एवं विकसित होनी चाहिएं ताकि कोई भी रोगी इलाज से वंचित न रहे। एक प्रतिबद्ध स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के रूप में, यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम अपने रोगियों, परिचारकों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए, सबसे अधिक सुरक्षित वातावरण में देखभाल की इस निरंतरता को सुनिश्चित करें। जबकि कारोना (कोविड-19) के दौरान होम केयर और टेली-मेडिसिन जैसी सेवाओं के भी सेन्टर शुरू हो गए हैं, अस्पतालों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं 24x7 उपलब्ध होनी चाहिए। मेदांता ने सुनिश्चित किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी सूची सबसे सुरक्षित वातावरण में जारी रहे।


अतिरिक्त उपायों में शामिल हैं
अनिवार्य थर्मल स्क्रीनिंग और कारोना (कोविड-19) लक्षणों का मूल्यांकन। जिन लोगों में लक्षण दिखाई देते हैं उन्हें तुरंत एक अलग फ़्लू क्लिनिक और/या सरकार द्वारा नामित समर्पित कारोना (कोविड़-19)़ अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया जाता है। एक मरीज़ के साथ केवल एक परिचारक की अनुमति है, मास्क पहनना अनिवार्य है और परिसर में प्रवेश करने से पहले अपने हाथों को साफ़ करना भी अनिवार्य। अस्पताल के कर्मचारी आगंतुकों के बीच सामाजिक दूरी सुनिश्चित करते हैं। ऐच्छिक सर्जरी के लिए रोगी को भी अस्पताल में परीक्षण से गुज़रना पड़ता है या किसी अन्य सरकार द्वारा अनुमोदित सुविधा से अपना परीक्षण करा कर रिपोर्ट जमा कराना होता है। मरीज़ों के अलावा, अस्पताल भी नियमित स्वच्छता के माध्यम से कर्मचारियों और परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, पीपीई का उपयोग, हाथ की स्वच्छता, सामाजिक दूरी, लक्षणों की पहचान पर प्रशिक्षण और सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार बीमार रोगियों के उपचार और अन्य उपाय।