मरीजों के रुटीन चेकअप और इलेक्टिव सर्जरी को टाला गया : एआईओएस
April 11, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार शनिवार 11 अप्रैल 2020 नई दिल्ली। कोविड-19 की घातक महामारी के चलते ऑल इंडिया ऑपथेल्मोलॉजिकल सोसाइटी (एआईओएस) ने आँखों के डॉक्टरों की सुरक्षा को देखते हुए एक एडवायसरी जारी की है। चूंकि, ऑपथेल्मोलॉजिस्ट्स और आँखों के डॉक्टरों की टीम मरीजों की नज़दीक से जांच और इलाज करते हैं, इसलिए वे आसानी से कोरोना वायरस की चपेट में आ सकते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए एआईओएस ने अपने सभी सदस्यों को आँखों की केवल जरूरी सुविधाओं को जरूरत के अनुसार जारी रखने की सलाह दी है।


भारत सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस के अनुसार, अस्पताल के अंदर जाते वक्त मरीजों के लिए मास्क पहनना, हाथ धुलना और बाकी लोगों से दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। एआईओएस के अध्यक्ष, डॉक्टर महिपाल सिंह सचदेव ने बताया कि, “यह एडवायसरी नैसल एंडोस्कोपिक प्रक्रिया और अन्य सभी प्रक्रियाएं जिनसे आँखों की रौशनी जाने, कमजोर आँखे और जान का खतरा हो, उनके उपयोग को बंद करने के लिए जारी की गई है। हालांकि, सभी ओपीडी में थर्मल स्क्रीनिंग डेस्क, मरीजों, डॉक्टरों और स्टाफ को हमेशा मास्क लगाए रखने की सलाह दी गई है। वहीं मरीजों के रुटीन चेकअप और इलेक्टिव सर्जरी की प्रक्रियाओं को कम से कम 4 हफ्तों के लिए टाल दिया गया है। एआईओएस ने केवल जरूरी और इमरजेंसी वाली सुविधाएं जारी रखने की सलाह दी है।
चूंकि, ऑपथेल्मोलॉजिस्ट्स और आँखों के डॉक्टरों की टीम मरीजों की नज़दीक से जांच और इलाज करते हैं, इसलिए वे आसानी से कोरोना वायरस की चपेट में आ सकते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए एआईओएस ने अपने सभी सदस्यों को आँखों की केवल जरूरी सुविधाओं को जरूरत के अनुसार जारी रखने की सलाह दी है। एआईओएस की महासचिव, डॉक्टर नम्रता शर्मा ने बताया कि, “चूंकि, हेल्थ वर्कर संदिग्ध और कंफर्म हर प्रकार के मामलों को नज़दीक से जांचते और इलाज करते हैं, इसलिए उनमें इस वायरस के फैलने का खतरा बहुत ज्यादा है। एआईओएस ने उन्हें COV-2 सार्स (एसएआरएस) के प्रोफाइलेक्सि ट्रीटमेंट के लिए हाईड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन की दवा का उपयोग करने की सलाह दी है। नेशनल टास्क फोर्सेस द्वारा बनाए गए इस प्रोटोकॉल को ड्रग कंट्रोलर जेनरल ऑफ इंडिया ने मंजूरी दे दी है, जिसके अनुसार इसका उपयोग केवल इमरजेंसी में किया जाएगा। कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है और ऐसे में मरीजों और डॉक्टरों की सुरक्षा करना बेहद मुश्किल हो गया है। मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेल्फेयर द्वारा कोरोना वायरस से बचाव और रोकथाम के लिए बनाए गए नियमों का एआईओएस पूरी तरह समर्थन करता है।