क्षेत्रीय सामग्री की बदौलत भारत में बढ़ रही हैं महिला यूजर्स
January 23, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार वीरवार 23 जनवरी 2020 नई दिल्ली। जैसे-जैसे इंटरनेट की पहुंच देश भर में बढ़ रही है, क्षेत्रीय सामग्री का इस्तेमाल करने वालों की संख्या भी बड़े पैमाने पर बढ़ रही है। महिलाओं के लिए भारत का सबसे बड़ा यूजर-जनरेटेड कंटेंट प्लेटफार्म Momspresso.com उन्हें दस भाषाओं में टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो कंटेंट के माध्यम से खुद को व्यक्त करने में सक्षम बनाता है। Momspresso.com ने हाल ही में देश में क्षेत्रीय सामग्री में हो रही वृद्धि के बारे में अधिक जानकारी हासिल की। प्लेटफार्म ने बताया कि वर्तमान में बनाई गई सामग्री का 65% क्षेत्रीय भाषाओं में है और यह कुल पेज व्यू का 85% हैं। Momspresso.com पर क्षेत्रीय सामग्री की विशालता को 70 मिलियन+ मासिक पेज व्यू के रूप में दर्ज किया गया है।
Momspresso.com ने इसके साथ-साथ क्षेत्रीय सामग्री रचनाकारों में 228% की वृद्धि दर्ज की है; साथ ही पिछले 12 महीनों में क्षेत्रीय भाषा से जुड़े पेज व्यू में 180% की वृद्धि दर्ज की गई है।


गूगल-केपीएमजी की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय भाषा के इंटरनेट यूजर्स 18% की सीएजीआर दर से बढ़ते हुए 2021 तक 536 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि अंग्रेजी यूजर्स इसी अवधि में 3 प्रतिशत की दर से 199 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। इस वजह से क्षेत्रीय सामग्री का लाभ उठाने वाली इंडस्ट्री की कंपनियों में वृद्धि करने की क्षमता बहुत ज्यादा है। जहां तक सामग्री की खपत का सवाल है, इसके आंकड़े दिलचस्प कहानी बताते हैं।
इस अध्ययन के निष्कर्षों पर बात करते हुए Momspresso.com के सीईओ और सह-संस्थापक श्री विशाल गुप्ता ने कहा, "Momspresso.com में हमने जनवरी 2017 में हिंदी को लॉन्च कर दिया था और इस ट्रेंड का लाभ उठाने वाले शुरुआती लोगों में से हैं। तब से हमने 8 और भारतीय भाषाओं को अपने प्लेटफार्म पर लॉन्च किया है और हमारे यूजर्स की संख्या के बढ़ने में क्षेत्रीय भाषाओं के व्यापक प्रभाव को देखा है। 85 मिलियन मासिक पेज व्यू में से 85% से अधिक हमें उन 9 क्षेत्रीय भाषाओं में प्राप्त हुए हैं जो हमारे पास हैं। यह देखते हुए कि भारतीय भाषा के यूजर्स 2021 तक भारत के इंटरनेट यूजर-बेस का 75% बन जाएंगे, भविष्य की संभावनाएं बढ़ गई हैं।”Rounded Rectangle: MOMSPRESSO.COM --18,000 ब्लॉगर्स --190,000 ब्लॉग्स और व्लॉग्स अब तक 10 भाषाओं में -- 30 मिलियन मासिक विजिट्स --85 मिलियन मासिक पेज व्यू --10 भाषाएं (अंग्रेजी, हिन्दी, गुजराती, बंगाली, मराठी, मलयालम, तेलुगू, तमिल, पंजाबी और कन्नड़ा) --100+ ब्रांड एंडोर्समेंट्स
Momspresso.com के अध्ययन से पता चला कि इसके प्लेटफ़ॉर्म पर 43% सामग्री रचनाकार हिंदी में सामग्री बना रहे हैं - और 60% ओवरऑल पेज व्यू प्राप्त कर रहे हैं। क्षेत्रीय भाषा सामग्री रचनाकारों की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। डेटा की बात करें तो पिछले 12 महीनों में मराठी में सामग्री रचनाकार 7 गुना , हिंदी में तीन गुना, बांग्ला में 3.3 गुना और तमिल में 5 गुना बढ़े। इसी अवधि में क्षेत्रीय भाषा-आधारित सामग्री का योगदान 38% से 62% हो गया है। जबकि ये ब्लॉगर कई विषयों पर सामग्री बना रहे हैं, ‘मॉम्स लाइफ़’ जो दिन-प्रतिदिन के मुद्दों से संबंधित है, जिनका सामना मां को करना होता है, जैसे- रिश्ते, पालन-पोषण, कैरियर विकल्प सबसे लोकप्रिय हैं।
एक उल्लेखनीय बात यह है कि वीडियो में सामग्री की संभावनाओं की पुष्टि करते हुए पिछले वर्ष में कुल सामग्री में क्षेत्रीय वी-लॉगर का योगदान 0-50 प्रतिशत तक बढ़ा है।
स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच बढ़ने से तमाम भौगोलिक क्षेत्रों में अधिक से अधिक महिलाएं क्षेत्रीय भाषा की सामग्री बनाने में सक्षम हुई हैं। इसकी पुष्टि Momspresso.com के डेटा के साथ की जा सकती है जिसमें पता चला है कि क्षेत्रीय भाषा में सामग्री रचनाकारों ने 2018 के 70 प्रतिशत के मुकाबले 2019 में 94 प्रतिशत तक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया।
Momspresso.com ने दावा किया कि उसके प्लेटफार्म पर क्षेत्रीय भाषा पेज व्यू में 180% की वृद्धि हुई है। इस वृद्धि में सबसे बड़े आंकड़े हिंदी से आए, जिसमें पेज व्यू का योगदान 65% था, इसके बाद मराठी (10%), बांग्ला (8%), तमिल (7%) और मलयालम (6%) थे।
क्षेत्रीय भाषा की सामग्री का उपभोग करने वाले शीर्ष शहरों में जयपुर, लखनऊ, पटना और आगरा जैसे शहर शामिल हैं, जिसका अर्थ है कि इस सामग्री का इस्तेमाल महानगरों से परे जाकर टियर -2 और टियर -3 शहरों में ज्यादा हो रहा है। क्षेत्रीय भाषा सामग्री के मामले में शीर्ष राज्यों में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली शामिल हैं।
अपने विस्तृत अध्ययन के हिस्से के रूप में प्लेटफार्म ने यह भी पाया कि 70% क्षेत्रीय सामग्री का इस्तेमाल 22-35 वर्ष की आयु के बीच मिलेनियल दर्शकों ने किया है।
60% से अधिक खरीदारी महिलाएं करती हैं या उनकी राय महत्वपूर्ण होती है। इससे यह अत्यधिक मूल्यवान दर्शक वर्ग में आती है। यह इस तथ्य से स्पष्ट होता है कि खेल के अलावा सबसे महंगे चैनलों में क्षेत्रीय भाषाओं के सामान्य मनोरंजन चैनल हैं, जो इस दर्शक वर्ग के लिए टारगेटेड शो बनाते हैं। क्षेत्रीय भाषा की सामग्री में वृद्धि से स्पष्ट है कि महिलाओं के रुचिकर विषयों से जुड़े यूजर्स की संख्या में बड़े पैमाने में वृद्धि हुई है, जिसकी वजह से ब्रांड पारंपरिक मीडिया से ऑनलाइन मीडिया पर आ रहे हैं।
मॉमस्प्रेसो में ओवरऑल मुद्रीकरण के लिए क्षेत्रीय भाषाओं का योगदान पिछले एक साल में 13% से 30% हो गया है। ब्रांड्स द्वारा उपयोग किए जा रहे लोकप्रिय सॉल्युशन में क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री निर्माण (टेक्स्ट और वीडियो दोनों), इनफ्लूएंसर मार्केटिंग और भौगोलिक क्षेत्र में विशिष्ट डिजिटल सक्रियता शामिल हैं।
Momspresso.com का हालिया अभियान ‘कहां गया मम्मी का संडे’ ’एक बेहतरीन उदाहरण है कि क्षेत्रीय सामग्री का मुद्रीकरण हो रहा है। संडे पैराडॉक्स पर एक मनोरंजक हिंदी ब्लॉग (माताओं को कोई अवकाश नहीं मिलता, यहां तक कि संडे भी नहीं) ने बड़े पैमाने पर यूजर्स का ध्यान खींचा कि इससे जोड़कर Momspresso.com ने वोल्टास बेको के लिए एक डिजिटल फिल्म भी बनाई। इसके बाद Momspresso.com ने कैम्पेन के तहत 300 से अधिक मेगा, माइक्रो और नैनो इनफ्लूएंसर को जोड़ा और उनसे सामग्री का निर्माण कराया। फिल्म ने माताओं की नब्ज पर हाथ रखा और इसे एक मिलियन से अधिक बार देखा गया और दस हजार शेयर के साथ यह वायरल हुआ। इस अभियान की भारी सफलता ब्रांड्स के लिए क्षेत्रीय भाषा सामग्री की क्षमता का प्रमाण है।
वर्ष 2021 तक 300 मिलियन महिलाओं के इंटरनेट यूजर होने की उम्मीद है, जिनमें अधिकांश क्षेत्रीय भाषा यूजर हैं। परिणामस्वरूप, क्षेत्रीय भाषा की खपत और मुद्रीकरण में यह वृद्धि आने वाले भविष्य में मजबूती से बढ़ने का अनुमान है।