खिलाड़ी से खेल: महिला पहलवान ने कोच पर लगाए गंभीर आरोप (पहलवान की मूल दास्तान)
December 3, 2019 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार मंगलवार 03 दिसम्बर 2019 इंदौर। कुश्ती  के सभी खिलाड़ी भाइयों मैं पुष्पा विश्वकर्मा मध्यप्रदेश की कुश्ती खिलाड़ी हूँ मेरे साथ मध्यप्रदेश के दो कुश्ती कोच फातिमा बानो और शाकिर नूर ने अन्याय किया और मेरे भविष्य के साथ खिलवाड़ किया मेरी आप सभी से एक विनम्र अपील है की मेरा साथ दे और आप सभी से निवेदन भी है कि मुझे यह भी बताएं कि मुझे क्या करना चाहिए।


मैं एक बहुत ही गरीब परिवार की लड़की हूँ मेरे पिताजी एक कारपेंटर का कार्य करते हैं और में मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्र से आती हूँ, जब मैंने  2012 में सिवनी से अपने खेल जीवन की शुरुआत की तब मेरी समझ एक आदिवासी क्षेत्र की लड़की जैसी ही थी और उसके बाद मै मध्यप्रदेश की खेल अकादमी में चयनीत हो गई तब मैं कक्षा 12की छात्रा थी ।
वहाँ पर कोच फातिमा बानो मेडम थी और वहाँ जो भी फैसला किसी भी लड़की के खेल से सम्बन्धित हो या जन्मतिथि या अन्य कोई भी बात हो उनके पति शाकिर नूर सर लेते थे शाकिर सर की उस अकादमी में नोकरी नही थी लेकिन मेडम की वजह से वो अपनी चलाते थे।
मेरी  वास्तविक जन्मतिथि 22-08-1991 है जो कक्षा 1 ली से ग्रेजुएशन तक है लेकिन फातिमा बनो मेडम और शाकिर नूर सर ने मेरी जन्मतिथि बदल कर मुझे 2013, 2014  जूनियर स्टेट और जूनियर नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में खिलाया जहाँ मैंने 2013, 2014 स्टेट में फर्स्ट और 2014 नेशनल में सिल्वर मेडल जीता इस दौरान मैंने दोनों कोचेस को बताया कि ये गलत जन्मतिथि से खिलाया गया है और ये सर्टिफिकेट और मेडल मेरे किसी भी काम नही आएंगे क्योंकि मेरी पढ़ाई 19991 की जन्मतिथि से चल रही है लेकिन उन्होंने कहा कि तुम चुप रहो हम सब संभाल लेंगे हमारी पहुँच ऊपर तक है और तुम्हारी नोकरी भी लगवा देंगे पर हकीकत में उस वक्त तो वो हमारी नही बल्कि अपनी नोकरी बचा रहे थे क्योंकि बच्चों के मेडल जीतने पर उनकी वाह वाही होती थी, उसके बाद सीनियर लेवल पर भी उन्होंने मेरी जन्मतिथि गलत डालना शुरू कर दिया मेरे विरोध करने पर हमेशा बोला गया कि इसमें तुम्हारा ही भला है जब मैंने नेशनल गेम्स में मेडल जीता तब तक फातिमा बानो मेडम को अकादमी से निकाल दिया गया था तब इन्होंने एक पत्र अकादमी के डायरेक्टर को लिखा और उस पर मेरे साइन धोखे से करवा लिए उसमे ये लिखा था कि अगर मुझे फातिमा बनो मेडम कोचिंग देंगी तभी में अकादमी में रहूंगी अन्यथा मैं अकादमी छोड़ दूँगी, भाइयों आप ही सोचो में एक गरीब लड़की अकादमी क्यो छोडूंगी ओर कहाँ जाऊंगी लेकिन इन दोनों ने धोखे से ये काम मुझसे करवा लिया और अपने घर ले गए जहाँ मुझसे सारे घर के काम करवाते थे और रातदिन मुझे ताने सुनाते थे जब मेरे नेशनल गेम्स मे मेडल जीतने पर मुझे मध्य प्रदेश सासन से 2 लाख 40 हज़ार रुपये मिले थे उन्होने सारे खर्च करवा दिए और मुझे अपने घर से भगा दिया।
वहाँ से निकलने के बाद  मैंने स्कूल में नोकरी करके अपना जीवन यापन किया ओर कुश्ती दंगल खेल कर अपना खेल चालू रखा उस दौरान भी तब भी ये मुझसे मिलते थे मुझे खरी खोटी सुनाते थे कि तुम जिंदगी में कुछ नही कर सकती हो तुम बर्बाद हो जाओगी, मैं इनकी इन बातों से त्रस्त हो गई थी कई बार ऐसा लगता था कि अपनी जिंदगी समाप्त कर लूं फिर मैंने सोचा कि मैं इनसे दूर चली जाती हुँ तो मैंने और जगह जाकर एक स्कूल मे नोकरी करके प्रेक्टिस चालू कर दी जब वर्ष 2018 की स्टेट लेवल की चेम्पियनशिप हुई तो मैंने अपने ओरिजनल जन्मतिथि के प्रमाण पत्र दिए और वही 2019 की स्टेट चेम्पियनशिप में भी दिए क्योंकि में हमेशा से ही अपने ओरिजनल जन्मतिथि के पेपर देती थी लेकिन इन दोनों ने सीनियर लेवल पर भी मेरी जन्मतिथि की गलत जानकारी दे रखी थी क्यूकी कोच ही इंट्री आगे बड़ाते थे और इनहोने मेरी जन्मतिथि हमेशा से गलत भेजते रहे इस वजह से नेशनल फेडरेशन में मेरी दो जन्मतिथि हो गई ।
तब इन्होने षडयंत्र रचा और दूसरे व्यक्ति से मेरी गलत जन्मतिथि की शिकायत फेडरेशन में करवा दी इस वजह से मैं हकदार होते हुए भी जालंधर मे आयोजित सीनियर नेशनल नही खेल पाई ओर फेडरेशन द्वारा मुझसे सारे सर्टिफिकेट जो मेरे सीनियर के भी थे जमा करवा लिए गए, अब स्थिति यह है कि मेरी इतने वर्षों की मेहनत इन दोनों की वजह से बर्बाद हो गई और मेरा भविष्य अंधकार मय हो गया ।
अब आप सभी से मेरी विनम्रतापूर्वक विनती है कि मुझे रास्ता बताए।