जिला हमीरपुर में किसान खाद के लिए परेशान जबकि बाबू की नहीं उतरी शराब
December 17, 2019 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार मंगलवार 17 दिसम्बर 2019 (अनुराग शुक्ला),मौदहा,हमीरपुर। वैसे आम तौर पर सूखे के लिए मशहूर बुण्देलखण्ड मे जहां इस बार औसत बारिश के कारण किसानों को अपनी फसलों को लेकर आशा थी।और किसानों ने आशा की थी कि इस बार बारिश के सीजन में औसत वर्षा और फसल के समय भी औसत पानी मिलने के चलते क्षेत्र के किसानों का पलायन रुकने की आशा की जा रही थी।लेकिन खाद की किल्लत से लगता है कि किसानों को इस बार भी अपनी फसलों से हाथ धोना पड़ सकता है।जहां सरकार का दावा है कि किसानों को समय से खाद उपलब्ध कराई जाएगी तो वहीं गोदाम प्रभारी की शाम को पी गई शराब का नशा ड्यूटी के समय दूसरे दिन भी नहीं उतरता है।और पांच सौ बोरी खाद की पर्चियां आने वाली दिनांक की भी खाद बांट दी जाती है।और कुछ पर्चियां बिना दिनांक के भी खाद बांटी जा रही है।अब क्या किया जा सकता है।जबकि गोदाम प्रभारी का कहना है कि शाम में एक शादी में शराब पी थी।किसानों की फसलें पूरी तरह तैयार हो चुकी हैं और किसानों के लाख प्रयासों के बाद भी समय पर यूरिया खाद नही मिल पा रही है।जिससे क्षेत्र का किसान पूरी तरह परेशान है।


क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने आज उपजिलाधिकारी अजीत परेश को शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि उनकी फसलें पूरी तरह तैयार हो चुकी हैं उन्हें यूरिया खाद की जरूरत है लेकिन खाद केन्द्रों के हफ्तों चक्कर लगाने के बाद भी किसानों को समय पर खाद नही मिल पा रही है।किसानों ने बताया कि पीसीएफ खाद केन्द्र प्रभारी सुरेन्द्र कुशवाहा व सहायक अंगद बिना कमीशन दिए उन्हें खाद नही देते हैं जो किसान कमीशन देता है उसी को बिना किसी मानक के खाद दी जाती है।केन्द्र प्रभारी शराब पीकर खाद बिक्री करता है और कुछ कहने पर किसानों के साथ गाली गलौज करता है।किसानों ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि उन्हें समय पर खाद दिलाई जाए नही तो उनकी फसलें बर्बाद हो जाएंगी और गोदाम कर्मचारियों पर सक्षम अधिकारियों से जांच कराकर कार्यवाही की जाए।