जेम’ ने भुगतान संबंधी सेवाओं के लिए यूको और बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र के साथ सहमति पत्रों पर हस्‍ताक्षर
December 18, 2019 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार बुधवार 18 दिसम्बर 2019 नई दिल्ली। गवर्नमेंट ई-मार्केटप्‍लेस (जेम) ने पोर्टल के पंजीकृत उपयोगकर्ताओं (यूजर) को विभिन्‍न तरह की सेवाएं मुहैया कराने के लिए 16 दिसम्‍बर, 2019 को बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र और यूको बैंक के साथ दो सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किए। जेम पूल एकाउंट्स (जीपीए) के जरिए धनराशि का हस्‍तांतरण और ई-परफॉरमेंस बैंक गारंटी (ई-पीबीजी) एवं बयाना राशि या अग्रिम धन जमा करने के बारे में सलाह देना इन सेवाओं में शामिल हैं।


'कागज रहित, संपर्क रहित और नकद रहित' प्रणाली सुनिश्चित करने के लक्ष्‍य को साकार करने के लिए भुगतान और विभिन्‍न बैंकिंग सेवाओं का एकीकरण जेम की विभिन्‍न प्राथमिकताओं में से एक है। इन कार्यकलापों को पूरा करने के लिए 'जेम' पहले ही 19 सार्वजनिक और निजी बैंकों के साथ सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर कर चुका है।
इस एमओयू पर एस सुरेश कुमार, अतिरिक्त सीईओ (जेम) और अनिल कुमार, महाप्रबंधक, यूको बैंक तथा वी डी कोल्हटकर, फील्ड जनरल मैनेजर, बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने हस्ताक्षर किए।
जेम इसके अलावा बिल डिस्‍काउंटिंग और कार्यशील पूंजी का वित्तपोषण करने के लिए बैंकों, ट्रेड्स और सिडबी के साथ भी मिलकर काम कर रहा है जिसके तहत पूंजी की लागत को जेम पर किसी भी विक्रेता के प्रदर्शन और रेटिंग से जोड़ा जाता है। इससे सामान्य रूप से विक्रेताओं, विशेषकर एमएसएमई की आसान ऋणों तक पहुंच सुनिश्चित करने और सरकार के साथ बेहतर ढंग से व्यवसाय करने में मदद मिलेगी। जेम इसके अलावा ईएमडी पूल खाते के सृजन पर विचार कर रहा है, ताकि विक्रेताओं को बोलियों के लिए पहल करते समय ईएमडी आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी आसानी हो सके।
जेम एसपीवी दरअसल केंद्र और राज्य सरकारों के संगठनों द्वारा वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद के लिए बेहतर व पारदर्शी व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल है। यह भारत सरकार की एक पहल है जिसके तहत ऑनलाइन खरीद की सुविधा के लिए एकल स्‍थल वाला समावेशी प्‍लेटफॉर्म उपलब्‍ध कराया जाता है। जेम पारदर्शी और बेहतर खरीद सुनिश्चित करने हेतु सीधी खरीद, बोली लगाने और रिवर्स नीलामी के लिए आवश्‍यक साधन उपलब्‍ध कराता है।