इंटेल और सीबीएसई ने बनाया नया गिनीज वर्ल्‍ड रिकॉर्ड
October 15, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 15 अक्टूबर 2020, नई दिल्ली। इंटेल और केंद्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने आज एक नया गिनीज वर्ल्‍ड रिकॉर्ड™ बनाया। यह नया रिकॉर्ड 24 घंटे में ऑनलाइन आर्टिफि‍शियल इंटेलीजेंस (एआई) प्रशिक्षण में सबसे अधिक यूजर्स के भाग लेने का है। 13 से 14 अक्‍टूबर के बीच कक्षा 8 और इससे ऊपर के 13,000 छात्रों को एआई के प्रभाव और इसके प्रमुख उपयोग पर वर्चुअल प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ यह नया रिकॉर्ड बना है। यह प्रशिक्षण इंटेल और सीबीएसई द्वारा आयोजित किए जा रहे AI For Youth Virtual Symposium का एक हिस्‍सा था। 
श्‍वेता खुराना, डायरेक्‍टर, एपीजे, ग्‍लोबल पार्टनरशिप और इनीशिएटिव, इंटेल ने कहा, “इंटेल एआई के गहन और व्‍यापक सामाजिक लाभों को हासिल करने में मदद करने के लिए ईकोसिस्‍टम के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। सीबीएसई के साथ हमारी सहभागिता ने अबतक देश में एआई की विकास यात्रा में कई मील के पत्‍थर जोड़े हैं, जिसमें छात्रों के लिए एआई पाठ्यक्रम की पेशकश, देश में केंद्रित एआई स्किल लैब्‍स की स्‍थापना और सीबीएसई स्‍कूलों में कौशल प्रशिक्षण शामिल हैं। वर्तमान में चल रहा एआई फॉर यूथ वर्चुअल सिम्‍पोजियम एक अन्‍य ऐसा प्‍लेटफॉर्म है, जहां छात्र और शिक्षकों को इन्‍नोवेशन की एक नई लहर का हिस्‍सा बनने और स्‍थानीए एवं वैश्विक विशेषज्ञों से सीखने का मौका मिलता है। देशभर में छात्रों की ओर से वर्चुअल एआई प्रशिक्षण के लिए मिली भारी प्रतिक्रिया ने गिनीज वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाने में मदद की है और यह दिखाता है कि भारत के युवा खोज और नवाचार के लिए उत्‍सुक हैं।


यह क्‍यों जरूरी है: दुनियाभर में सरकारें अपने नागरिकों, उद्योगों और समग्र समाज के लिए स्‍थायी, समावेशी और सकारात्‍मक माहौल बनाने के लिए व्‍यापक राष्‍ट्रीय एआई रणनीति निर्माण पर काम कर रही हैं, ऐसे में एआई कौशल संकट की पहचान व्‍यापक स्‍वीकार्यता और विकास के लिए बड़ी चुनौती के रूप में की गई है। इंटेल और शिक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाला सीबीएसई भारत की शिक्षा प्रणाली में एआई एकीकरण की गति को बढ़ाने के जरिये इस अंतर को कम करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।     
13 से 17 अक्‍टूबर तक आयोजित होने वाला एआई फॉर यूथ वर्चुअल सिम्‍पोजियम भारत के युवाओं को एआई कौशल सीखने, अनुभव हासिल करने और अपने समकक्षों द्वारा बनाए गए एआई सोशल इम्‍पैक्‍ट प्रोजेक्‍ट को देखने में सक्षम बनाने का एक निरंतर किए जाने वाले प्रयास का हिस्‍सा है। श्री रमेश पोखरियाल निशंक, माननीय शिक्षा मंत्री की उपस्थिति में सिम्‍पोजियम का शुभारंभ किया गया, जिसमें कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाने और सीखने को बढ़ावा देने के लिए एक डिजिटल प्रारूप में 200 से अधिक बहु-उद्देश्‍यीय एआई इंटीग्रेटेड लेसन प्‍लान को लॉन्‍च किया गया। इनमें से प्रत्‍येक लेसन प्‍लान को ऐसे शिक्षकों द्वारा लिखा गया है, जो अपने क्षेत्र में विषय विशेषज्ञ हैं और राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में निर्धारित मार्गदर्शन के अनुसार छात्रों को एक अनुभवात्‍मक और मजेदार ढंग से समग्र ज्ञान हासिल करने में मदद करने के लिए एआई टूल्‍स का उपयोग करने में अग्रणी हैं। इन लेसन प्‍लान को शिक्षा मंत्रालय की स्‍कूल शिक्षा के लिए राष्‍ट्रीय डिजिटल प्‍लेटफॉर्म DIKSHA, पर उपलब्‍ध कराया जाएगा। 
डा. विश्‍वजीत साह, डायरेक्‍टर, ट्रेनिंग और स्किल एजूकेशन, सीबीएसई, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा, “आर्टिफि‍शियल इंटेलीजेंस भविष्‍य की सबसे महत्‍वपूर्ण टेक्‍नोलॉजी में से एक है, इसमें भारत की डिजिटल यात्रा को अगले स्‍तर पर ले जाने की क्षमता है। भारत के छात्रों को उनकी शिक्षा यात्रा में जितनी जल्दी संभव हो सके सही कौशल और मानसिकता के साथ सशक्‍त बनाने के माध्‍यम से देश में एआई को प्रोत्‍साहित करना पहले की तुलना में अधिक महत्‍वपूर्ण है। एआई फॉर यूथ प्रोग्राम के तहत स्‍कूली छात्रों के बीच सही एआई-संबंधी कौशल और मानसिकता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए मैं सीबीएसई और इंटेल को बधाई देता हूं।


एआई फॉर यूथ वर्चुअल सिम्‍पोजियम में पूरे देशभर से छात्र (कक्षा 8 और उससे ऊपर), प्रिंसिपल्‍स और शिक्षक भागीदारी कर रहे हैं। प्रतिभागी यहां एआई की बदलाव लाने वाली शक्ति, डिजिटल तैयारियों का निर्माण और उभरती तकनीकों के उपयोग पर राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय वक्‍ताओं के विभिन्‍न विचारों को सुनेंगे। वह प्रस्‍तुतकर्ता के साथ बातचीत भी कर सकते हैं, अनुभवात्‍मक जोन में शामिल हो सकते हैं और लाइववेबीनार में हिस्‍सा ले सकते हैं। यह सिम्‍पोजियम 12 से 16 अक्‍टूबर तक आयोजित होने वाले all.ai 2020 वर्चुअल समिट का एक हिस्‍सा है। इस समिट का आयोजन इंटेल द्वारा उद्योग, शैक्षणिक संस्‍थाओं और सरकार के सहयोग से किया जा रहा है ताकि बड़े पैमाने पर चुनौतियों को हल करने के लिए एआई का लाभ उठाने पर गहन विचार-विमर्श किया जा सके।