हमीरपुर मे 15 मई तक मिल सकता है स्वच्छ पेयजल, सरकार का दावा
April 26, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार, रविवार 26 अप्रैल (आशीष निगम), हमीरपुर। चांद मे पानी खोजने वाले देश मे आज भी कई ऐसे गांव है। जहां के लोगो को स्वच्छ पेयजल तक नसीब नही । उनमे से मौदहा तहसील के केन नदी के किनारे बक्छा गांव के लोगो को करोडो रूपये खर्च करने के बाद भी शुद्व पेयजल जल निगम नहीं दे सका।  उसी गांव को जिलाधिकारी के प्रयासों से गांव पचांयत मे मात्र 12 लाख की योजना से ही उसी सूखी धरती पर ही बोर कर तीन इंच पानी निकालकर 15 मई तक गांव को पानी की आपूर्ति किये जाने का दावा किया गया है। 


बक्छा गांव मे आजादी के बाद से आज तक सर्दी , गर्मी व बरसात मे केन नदी का पानी पीकर ही लोग गुजर करते चले आ रहे है। इस गांव को पानी मुहैया कराने के लिये जल निगम ने तीन करोड रूपये से अधिक व्यय कर गांव मे कई बार नलकूप स्थापन का असफल प्रयास किये। वहीं दूसरे प्रयासो मे निकट के गांव भैंसमरी मे तीन नलकूप लगाकर दो किलोमीटर पाईप लाईन बिछाकर पानी देने का प्रयास किया गया। वह भी असफल रहा। पुनः इस गांव मे एकल पेयजल योजना बनाई गयी। लेकिन यह भी पानी नहीं दे सकी। गांव के सभी हैण्डपम्प  खारे पानी के है और एक किलोमीटर दूर नदी से पानी लाना इनकी मजबूरी है। इसी समस्या को लेकर जब स्थानीय गांव पचांयत ने विकास खण्ड स्तर पर सहायक पचांयत अधिकारी आर बी सिंह को गांव के निकट ही नलकूप लगाकर छोटी टंकियो से पानी की आपूर्ति किये जाने का प्रस्ताव किया। और यह प्रस्ताव जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने न र्सिफ स्वीक्रत किया बल्कि अपने क्रिटिकल फण्ड से 12 लाख से अधिक रूपया गांव पचायत को निर्गत कर लघू सिचाई विभाग की देखरेख मे इस योजना को तत्परता के साथ अन्जाम देने के र्निदेश दिये। योजना के तहत गांव से कुछ दूर एक नये नलकूप की स्थापना की गयी। जिसमे सफलता पुर्वक तीन इंच पानी निकलने से ग्रामीणो ने भारी प्रसन्नता जताई। इस सम्बन्ध मे एडीओ पचांयत ने बताया कि यह पहला मौका है कि गांव मे नलकूप स्थापित कर पानी निकाला गया है और अब गांव के अन्दर 5-5 हजार की पांच टकिंया स्थापित कर इस नलकूप को पाईप लाईन के माध्यम से जोड दिया जायेगा। इसके लिये बिजली कनेक्शन लेने का भी आवेदन किया जायेगा। उम्मीद जताई है कि 15 मई तक इस गांव को शुद्व पेयजल आपूर्ति मुहैया करा देंगे।