गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाव बलिहारी गुरु आपने जो गोविंद दियो बताए : मॉ विजया
October 24, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार, शनिवार 24 अक्टूबर 2020, नई दिल्ली। गुरु गोविंद दोनों खड़े काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए '।परमात्मा को आज तक किसी ने देखा नहीं लेकिन गुरु के माध्यम से परमात्मा तक पहुँच जा सकता है ।उनसे मिलन संभव है ।ग्रुरू का काम है अपने  समर्पित शिष्यों को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। गुरु एक सशक्त माध्यम है जो अपने शिष्यों को सही पथ पर चलते हुए परमात्मा से मधुर मिलन कराता है ।ऐसा ही कुछ अंतरराष्ट्रीय इस्सयोग समाज के संस्थापक अध्यक्ष  ब्रह्मलीन महात्मा सुशील कुमार व शक्ति स्वरूपी सद्गुरु माँ विजया जी के द्वारा इस्सयोग की सुक्ष्म साधना पथ का निमार्ण किया वो भी इस घोर कलिकाल में जब मानव त्रितापासे त्रस्त है । आज लाखो की संख्या मे अपने गृह स्थ जीवन मे सभी कर्तव्यो का पालन करते हुए प्रभु मिलन के पथ पर अग्रसर है। यह बातें आज सद्गुरु - माॅ विजया जी ने महात्मा सुशील कुमार व माँ विजया जी मुर्ति  की प्राण प्रतिष्ठा समारोह मे  अपने दिव्य सत्संग प्रवचन के दौरान कही। 


इसके पूर्व पं ॰ दीना नाथ शास्त्री ने बैदिक रीति के मंत्रो च्चारण से किया । यह कार्यक्रम के एस वर्मा व वंदना वर्मा के निवास स्थान सी 111 ' मॉं स्मृति पर्यावरण काम्पलेक्स मैदान गढी रोड साकेत 'दिल्ली के परिसर मे स्थित  शक्ति पिण्ड मॉ मनोकामना देवी के मन्दिर मे की गयी। नव निमित मुर्ति के प्राण प्रतिष्टा भव्य समारोह में आवाहन साधना भजन 'पंचामृत स्थान वस्त्रअपर्ण के बाद दीप प्रज्वलन शिवम्म झा व संगीता झा के द्वारा माल्यापर्ण के द्वारा किया । सद्गुरु माँ जी ने अपने आशीर्वचन मे कहा किआप लोग बड़े ही भाग्यशाली हैं जो आपको एक सरल सहज साधना पथ मिला है आप साधना पथ में जब बढ़ते हैं तो सद्गुरु के सानिध्य और साम्पीप्य में आपके भोग प्रालव्घ कट जाते हैं ।जब आप साधना करते हैं तो आपकी उम्र दिखती है स्वॉस  आप कम खर्च करते है । परिणाम स्वरूप आप आयु बढ जाती है।क्योंकि जब बच्चा पैदा होता है तब अपनी बंद मुट्टी में अपने कर्मों और आयु को दोनों बन्द कर इस संसार मे आता हैअंत समय में इस संसार से जाते हैं अपने दोनों हाथ के  खोलकर जाते हैं ।यानी और कर्म व आयु अथार्त स्वास दोनों समाप्त हो जाती है। आप सभी को सदगुरू का आर्शवाद है। आप अपनी साधना बढ़ाये ' नित्य प्रति दिन एक घंटे साधना अवश्य करें। सम्पूर्ण कार्यकम के दौरान कोरोना के निधारित माप दंडो के अनुसार - शोसल डिस्टेन्टसीग ' सेनियाईजर ' आदि विशेष ख्याल रखा गया।