गरीबों की गरीबी का मजाक उडाता मौदहा पूर्ति विभाग
November 28, 2019 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार समाचार वीरवार 28 नवंबर 2019 (दुर्गेश कश्यप) मौदहा,हमीरपुर। जहां एक ओर सरकार सबका साथ सबका विकास का नारा लगाते हुए नहीं थक रही है और सबको अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ देने का प्रयास कर रही है तो वहीं दूसरी ओर पूर्ति विभाग की मिलीभगत से कोटेदार(उचित दर विक्रेता)गरीबों की गरीबी का मजाक उडा रहे हैं।मुख्य मामला यह है कि प्रतिमाह कस्बे के हर कोटेदार के यहां लगे राशन कार्ड बडी संख्या में काट दिए जाते हैं और यह सारा खेल एक सिस्टम के तहत खेला जाता है। कार्ड धारको का आरोप है कि यह खेल कोटेदार और पूर्ति विभाग के कर्मचारियों की मिली भगत होता है।
बताया गया कि कस्बे के पंकज ओमर का कोटा निरस्त कर दिया गया था।तो उस कोटे में लगे राशन कार्ड जो मोहल्ला हैदरिया और छोटा कसौडा के थे। उन कार्ड धारकों मे से 75%के लगभग को नजदीकी उचित दर विक्रेता पंकज कुमार बाल्मीकि के कोटे में अटैच कर दिया गया है जबकि शेष कार्ड धारकों को 50-50%रामकिशन व शांति देवी के कोटे मे क्रमशः अटैच किया गया है।जबकि कार्ड धारक परेशान होकर किसी तरह शांति देवी के कोटा में पहुंच गए।तो उक्त कोटेदार ने बीस तारीख के बाद राशन सामग्री देने की बात कह कर टरका दिया कहा गया कि अपने पुराने कार्ड धारकों को देंगे।अब जबकि कार्ड धारक बीस तारीख के बाद राशन लेने पहुंचते हैं तो पता चलता है कि उनका राशन कार्ड किन्हीं कारणों से निरस्त कर दिया गया है। जिसके चलते तमाम कार्ड धारक कोटेदारो के विरूद्व पूर्तिविभाग की मिली भगत से कार्ड निरस्त करने का आरोप लगा रहे है।
बताया गया कि यही से धांधली का असली खेल शुरू होता है।  कहा कि जब महीने के आरंभ में राशन कार्ड सही है तो सीधी सी बात है कि पिछले महीने उस राशन कार्ड के लिए राशन का उठान भी किया गया है तो अचानक राशन कैसे निरस्त हो गया और यदि राशन किन्हीं कारणों से निरस्त किया गया है तो इस माह का राशन तो मिलना चाहिए।असली खेल तो यही है कि हर माह पूर्ति विभाग कोटेदारों से मिलकर खाद्यान्न का खेल खेलता है और दूसरी बात यह कि जब भी कोई नया राशन कार्ड बनता है तो कोटेदार उक्त कार्ड धारक को तीन माह बाद राशन देते हैं जबकि अगूंठा हर माह लगवाया जाता है और हां सितंबर माह में सरकार द्वारा कार्ड धारकों को सुविधा देते हुए नगरीय क्षेत्र के कार्ड धारकों को पोर्टबिलिटी योजना का लाभ दिया था।जिसके अन्तर्गत नगरीय क्षेत्र का कोई भी कार्ड धारक किसी भी उचित दर विक्रेता की दूकान से खाद्य सामग्री प्राप्त कर सकते हैं लेकिन कोटेदार किसी को खाद्य सामग्री नहीं देते हैं।कोटेदारो का उनका कहना है कि जब हमे कार्डों के आधार पर ही खाद्य सामग्री मिलती है तो हम अतिरिक्त कार्ड धारकों को खाद्य सामग्री कहा से दे। कोटेदारो की मनमानी के चलते राशन कार्ड धारको के साथ खुलकर धांधली हो रही है और गरीबों की गरीबी का मजाक भी उडाया जा रहा है। वहीं उक्त मामले मे फोन न रिसीव होने के चलते मौदहा पूर्ति अधिकारी से उनका पक्ष नही लिया जा सका।