एसपीजी सुरक्षा से लगता था,मैं भी प्रधानमंत्री हूं : नीरज
December 5, 2019 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचारवार वीरवार 05 दिसम्बर 2019 नई दिल्ली। राज्यसभा में मंगलवार को एसपीजी संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे और भाजपा सांसद नीरज शेखर ने कहा, जिसे एसपीजी सुरक्षा मिलती है, उसे लगता है कि वह ही प्रधानमंत्री है। उन्होंने कहा, ''जब मैं 22 साल का था तो मेरे पिता चंद्रशेखर को एसीपीजी सुरक्षा मिली थी। आगे-पीछे 4 गाड़ियां रहती थीं। मैं जब भी एयरपोर्ट जाता था, तो मेरी बुलेटप्रूफ कार सीधे विमान तक जाती थी। मैं यह देखकर हैरान रह जाता था कि वरिष्ठ नागरिक एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के लिए कतार में खड़े रहते थे, जबकि मैं कभी इससे नहीं गुजरा।


राज्यसभा में पहली बार बोल रहे नीरज ने एक किस्सा सुनाया- ''मेरे पिता ने प्रधानमंत्री के तौर पर जब तमिलनाडु की द्रमुक सरकार को बर्खास्त किया था, इसके कुछ दिन बाद मैं चेन्नई गया। इतनी कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था की गई थी कि लगा मैं ही प्रधानमंत्री हूं। मैं जब अपनी मां और भाई के साथ कहीं जाता था तो गाड़ियों का काफिला साथ में चलता था। लोग मेरा ऑटोग्राफ लेते थे।''
राज्यसभा सदस्य शेखर ने एसपीजी बिल का समर्थन करते हुए कहा कि जो लोग एसपीजी सुरक्षा घेरे में रहते हैं, वे खुद को वीआईपी समझते हैं। भाजपा इसी कल्चर को खत्म करना चाहती है। आज का नौजवान वीआईपी कल्चर पसंद नहीं करता। अगर प्रियंका गांधी की सुरक्षा में सेंध लगी तो इसकी जांच हो और सुरक्षा बढ़ाई जाए, लेकिन सिर्फ एसपीजी सुरक्षा क्यों?
भाजपा सांसद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा- ''जब वीपी सिंह, इंद्र कुमार गुजराल और मनमोहन सिंह जैसे पूर्व प्रधानमंत्रियों की एसपीजी सुरक्षा हटाई गई तो किसी ने हंगामा नहीं मचाया। 1988 का जो एक्ट था, वही होना चाहिए। सिर्फ प्रधानमंत्री को ही यह सुरक्षा मिलनी चाहिए।''
इस बिल में सिर्फ प्रधानमंत्री और उनके साथ रहने वाले परिवार के सदस्यों को एसपीजी सुरक्षा देने का प्रावधान है। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिजन को यह सुरक्षा दी जाएगी, जो आधिकारिक तौर पर सरकार द्वारा अलॉट किए गए आवास में रह रहे हैं। यह विधेयक राज्यसभा से पारित हो चुका है। 
नीरज शेखर इसी साल जुलाई में समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्हें पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा में भेजा है। उनके पिता चंद्रशेखर 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991 तक प्रधानमंत्री रहे थे।