दिल्ली सरकार विधानसभा में झूठे दावे करके जनता को गुमराह : लोक नीति शोध केंद्र
December 6, 2019 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचारवार शुक्रवार 06 दिसम्बर 2019 नई दिल्ली। यह वास्तव में चौंकाने वाली बात है की भारत जैसे मजबूत लोकतंत्र में एक चुनी हुई सरकार जनता के विश्वास और जनादेश की अवहेलना कर सकती है,  पिछले तीन दिनों से हम देख रहे हैं कि अनैतिक चुनावी रणनीति के तहत गलत तथ्यों और आंकड़ों को आम जनता के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। दिल्ली के सीएम श्री अरविंद केजरीवाल ने कल विधानसभा में साग ऑडिट से सम्बंधित एक गलत बयान जारी किया, जिसका पी.पी. आर. सी ने खंडन किया। आज फिर केजरीवाल द्वारा फैलाये जा रहे गलत तथ्यों का हम सही तथ्यों के आधार पर खंडन करते है।

वाईफाई के 100 हॉटस्पॉट की घोषणा करते हुए, सीएम केजरीवाल ने अपनी पीठ खुद थपथपाई और कहा की मैनिफेस्टो  में उनके द्वारा किए गए सभी वादे पूरे किए गए हैं। दिल्ली सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान यह स्पष्ट कर दिया है कि यह लोक कल्याण और विवेकपूर्ण शासन को नहीं बल्कि राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता देती है, जिसने न केवल दिल्ली के निवासियों की भविष्य की संभावनाओं को कमजोर किया है, बल्कि पार्टी में पूर्ण नैतिक दिवालियापन को भी जन्म दिया है।

हमने अप्रैल 2019 में एक रिपोर्ट जारी की थी - ए टेल ऑफ़ बेट्रेअल - दिल्ली आम आदमी पार्टी  मेनिफेस्टो रिव्यू'। रिपोर्ट में हमने उनके 2015 के मैनिफेस्टो का एक सरल विश्लेषण किया था । रिपोर्ट से यह पाया गया की 70 वादों में से 67 वादों को पूरा करने में दिल्ली सरकार विफल रही और बाकी के तीन उनके दायरे से परे हैं, जो की आम आदमी को मूर्ख बनाने के लिए किये गए थे।

एक शोध केंद्र होने के नाते हम तथ्यों पर आधारित शोध विश्लेषण करते हैं और हम इसी आधार पर, हम दिल्ली के मुख्य मंत्री से कुछ मूल एवं ज़रूरी प्रश्न पूछना चाहते हैं। जैसा कि सीएम का दावा है कि सरकार ने अपने मैनिफेस्टो में किए गए सभी वादों को पूरा किया है, इसके लिए निम्नलिखित सवालों के जवाब देने की जरूरत है-

  • अरविन्द केजरीवाल जी आपने वादा किया था की दिल्ली में जन-लोकपाल बिल लेकर आएंगे - कहाँ है जन लोकपाल बिल?
  • आपने वादा किया था की दिल्ली में स्वराज बिल लेकर आएंगे - कहाँ है स्वराज बिल?
  • आज तक Power Discoms का CAG ऑडिट क्यों नहीं हुआ?
  • आपने वादा किया था की आप दिल्ली में ऐसी योजना लाएंगे जिसमे लोग खुद चुन सकेंगे की किस बिजली कंपनी से उन्हें बिजली लेनी है - कहाँ है वो योजना?
  • AAP ने 2025 तक सौर ऊर्जा के माध्यम से दिल्ली की 20% ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने का वादा किया था। दुर्भाग्य से, दिल्ली केवल 506 KW बिजली का सोर उत्पादन कर रही है जो केवल 0.00025% है। इसके अलावा, केवल 140 लोगों को छत पर सोर पैनल स्थापित करने के लिए मदद दी गयी है।
  • AAP ने स्वच्छ पेयजल प्रदान करने का वादा किया था। तथ्य यह है कि पानी की कमी शहर के सबसे बड़े संकटों में से एक है। सीवेज रिसाव के कारण कंटैमिनेशन एक बड़ा खतरा है।
  • AAP ने दिल्ली के जल निकायों को बढ़ाने का वादा किया था। दिल्ली पानी की कमी से जूझ रही है और सरकार ने इस संबंध में कुछ नहीं किया। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली 21 शहरों में शामिल है जिनमे 2020 तक भूजल ख़तम हो जाएंगे।
  • AAP सरकार जल माफिया पर नकेल कसने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रही। सरकार पारदर्शी टैंकर जल वितरण प्रणाली स्थापित करने में विफल रही।
  • यमुना की हालत अभी भी चिंता जनक है और इसे पुनर्जीवित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। दिल्ली के सीवेज के 100% संग्रह और उपचार का दावा अधूरा है।
  • 2,00,000 सार्वजनिक शौचालय कहाँ दिए गए हैं? 2018 की CAG रिपोर्ट से पता चलता है कि एक भी शौचालय का निर्माण नहीं किया गया था और इस उद्देश्य के लिए आवंटित धन का प्रयोग नहीं हुआ है।
  • दिल्ली सरकार का कचरा प्रबंधन योजना कहाँ है? दिल्ली सरकार बायो-डिग्रेडेबल और गैर-बायो डिग्रेडेबल कचरे के अलगाव को घरेलु स्तर पर सुनिश्चित करने में विफल रही है।
  • घोषणा पत्र में वादे के अनुसार 500 नए सरकारी स्कूल कहां हैं?
  • क्या उच्च शिक्षा गारंटी योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है? डेटा यह संकेत देता है कि दिल्ली के स्कूलों से पास होने वाले कुल छात्रों में से केवल 13% को ही अब तक ऋण दिया गया है।
  • दिल्ली सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कोई भी ठोस कदम उठाने में विफल रही है। लगभग 51% टीजीटी के पद खाली हैं और नियमित कर्मचारियों द्वारा नहीं भरे गए हैं। दिल्ली सरकार के 71% स्कूलों में साइंस स्ट्रीम नहीं है दूसरी ओर, दिल्ली में सभी केंद्रीय विद्यालयों में साइंस स्ट्रीम उपलब्ध है।
  • वादा किये गए 20 नए डिग्री कॉलेज कहाँ है?
  • घोषणापत्र के अनुसार अस्पतालों में 30,000 नए बेड और 900 पीएचसी कहाँ है?
  • AAP के घोषणा पत्र के द्वारा 47 फास्ट-ट्रैक कोर्ट के वादे का क्या हुआ?
  • क्या नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है? न्यायपालिका के लिए किफायती आवास सुविधाएं कहाँ हैं ?
  • AAP सरकार ई-गवर्नेंस में केंद्र सरकार के प्रयासों की तुलना में पूरे तरीके से विफल रही है।
  • क्या दिल्ली के गांवों के कल्याण के लिए कोई प्रयास किए गए हैं? आरटीआई के अनुसार इस सन्दर्भ में कोई काम नहीं किया गया है। किसानो के लिए प्रोत्साहन और समर्थन कहां हैं ? ग्रामीण युवाओं के लिए खेल सम्बंधित सुविधाएँ कहाँ हैं?
  • दिल्ली भूमि सुधार अधिनियम की धारा 33 और 81 को अभी तक क्यू नहीं हटाया गया है?
  • 8 लाख नई नौकरियों के वादे का क्या हुआ?
  • दिल्ली सरकार 30 लाख अफोर्डेबल इन्क्यूबेशन स्पेस प्रदान करने के पायलट प्रोजेक्ट को लागू करने में भी विफल रही है। अभी तक कोई भी इन्क्यूबेशन केंद्र शुरू नहीं किया गया है।
  • प्रदूषण को रोकने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। सरकार द्वारा कोई भी वैक्यूम क्लीनर सेवा में नहीं लाया गया है।
  • एकीकृत परिवहन प्राधिकरण कहाँ है?
  • डीटीसी बसों की संख्या बढ़ाने के बारे में क्या कार्य किया गया है? डेटा बताता है कि डीटीसी बसों की कुल संख्या 31 मार्च 2015 को 4,705 थी और 12 नवंबर 2019 तक यह 3,781 बसों तक पहुंच गयी है। पिछले चार वर्षों की अवधि में 957 बसों की कमी दर्ज की गई है।
  • वादा किया गया रिंग रेल सेवा कहाँ है?
  • केंद्र सरकार के हस्तक्षेप से अनधिकृत कालोनियों को दशकों के बाद नियमित किया गया है। AAP सरकार ने इस संबंध में आज तक कुछ नहीं किया।
  • सभी को किफायती आवास उपलब्ध कराने के वादे का क्या हुआ?
  • AAP सरकार बस्तियों के इन-सीटू विकास के लिए कदम उठाने में विफल रही है।
  • दिल्ली सरकार नशीले पदार्थों के खतरे से दिल्ली को छुटकारा दिलाने में विफल रही है। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 90% से अधिक सड़को पर रहने वाले बच्चे नशे की गिरफ्त में हैं।
  • 1984 के दंगो के सन्दर्भ में केंद्र सरकार ने SIT का गठन किया जबकि आप सरकार ने इस सन्दर्भ में कोई काम नहीं किया।
  • दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्रस्तावित 3000 खेल के मैदान कहाँ हैं?
  • दिल्ली सरकार ने हेरिटेज और साहित्य को संरक्षित करने के लिए कुछ नहीं किया है। सार्वजनिक पुस्तकालय और सामुदायिक पढ़ने के केंद्र का जो वादा किया गया था वह कहां हैं?