डिजिटल वर्ल्‍ड में मशीन लर्निंग एवं आर्फिफिशियल इंटिलिजेंस का दबदबा : दीपक पाहवा
February 18, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार मंगलवार 18 फरवरी 2020 नई दिल्ली। एमइआरआइ ग्रुप ऑफ इंस्ट्यूशन और एनएचआरडीएन के संयुक्‍त आयोजन में एचआर कॉन्‍कलेव  का आयोजन किया गया। जनकपुरी स्थित मेरी कॉलेज समाभार में ‘टैलेंट मैनेजमेंट इन द एरा ऑफ इंडस्‍ट्री 4.0’ विषय पर आयोजित कॉन्‍कलेव में मुख्‍य अतिथि पाहवा समूह के चेयरमैन दीपक पाहवा थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्‍वलन और राष्‍ट्रगान के बाद किया गया। आगत अतिथियों का स्‍वागत करते हुए मेरी कॉलेज के वाइस प्रेसिडेंट प्रो. ललित अग्रवाल ने कहा कि इंडस्‍ट्री की कार्यशैली तेजी से बदल रहा है। बदलाव चुनौती को लेकर आता है।

चुनौतियों को  हल करने का तकनीकी हमारे सामने उपलब्‍ध है। श्री अग्रवाल ने कहा कि इंडस्‍ट्रीज में सफलता के लिए इनोवेटिव आइडिया वाले स्किल्‍ड एचआर की आवश्‍यकता है। कार्यक्रम में एमइआरआइ समूह के चेयरमैन आइपी अग्रवाल ने कहा कि दुनिया में तकनीकी आधारित बदलाव हो रहा है। तकनीक के साथ टेलेंट को सामने लाने के लिए मैनेजमेंट कार्य कर सकता है। उन्‍होंने कहा कि मोबाइल के कारण सभी का टैलेंट ग्‍लोबल हो गया है। उन्‍होंने कहा कि इंडस्‍ट्रीज प्रोटोकॉल डिफाइन है। आज के इंडस्‍ट्रीज के लिए न्‍यू स्किल्‍ड की आवश्‍यकता है। आइपी अग्रवाल ने कहा कि इफेक्‍टिव स्‍किल्‍स वाले व्‍यक्तियों को ही इंडस्‍ट्रीज में स्‍किल्‍स दिखाने का मौका मिलता है। इसलिए इफेक्‍टिव स्‍किल्‍स और टेक्निल इनोवेशन को एकसाथ मिलकर कार्य करने की आवश्‍यकता है ।

मुख्‍य अति‍थि दीपक पाहवा ने कहा कि आज हम सभी  डिजिटिल वर्ल्‍ड में है। तकनीक से अलग सोच वाले व्‍यक्ति आज तरक्‍की नहीं कर सकते । उन्‍होंने कहा कि ट्रॉसफर्म व्‍यवस्‍था को विकसित करने की आवश्‍यकता है। बदलते दौड़ में तकनीक के माध्‍यम से हम दुनिया के बेहतर लोगों को अपने से जोड़ सकते है। श्री पाहवा ने कहा कि नई तकनीक मशीन लर्निंग का है। यह आर्फिफिशिल इंटिलिजेंस पर कार्य करता है। यह काफी तेजी से कार्य करता है। यह हमारे लिए चैलेंज है। उन्‍होंने कहा कि इंडस्‍ट्रीज रिवोल्‍यूशन में डिजिटल हैबिडेंट और डिजिटल माइग्रेशन तेजी से हो रहा है। इस स्थिति में एचआर भी भूमिका बढ़ जाती है। प्रथम सत्र के अंत में मेरी कॉलेज के डीन प्रो. अनिल कुमार अग्रवाल ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं प्राध्‍यापकों का आभार व्‍यक्‍त किया। एचआर कॉन्‍कलेव के दूसरे सत्र में ट्रांसफॉरमेशन लीडरशीप  इन एचआर विषय पर पीएचडीसीसीआई के निदेशक डॉ. जतीन्‍द्र सिंह, वीआर एआर एसोसिएशन, दिल्‍ली के अध्‍यक्ष रमेश कुमार वर्मा, सेलेट्रोंनिक के चेयरमेन वीर सागर और एफआइसी के एचआर वाइस प्रेसिडेंट ममता वसन ने अपने विचार व्‍यक्‍त किया। इसके बाद स्किल्‍ड रिक्‍वार्यमेंट टू इमबरेंस डाटा ड्रिवेन टेलेंट इकोनॉमी विषय पर डीआडीयों के वैज्ञानिक डॉ. सुशील चंद्रा, द बर्ड समूह से कॉर्नल रोहित अग्रवाल, साइन कैच के सुमित दुग्‍गल, राइट मैनेजमेंट के अनुज खानुजा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रो. दीपशीखा कालरा और कार्यक्रम की संयोजक एसोशिएट  प्रोफेसर डॉ. मैत्री भूषण ने सभी का धन्‍यवाद ज्ञापित किया।