ब्राम्हणों की लगातर हत्या से उत्तरप्रदेश ब्राम्हणों के लिए कब्रगाह बना : राघवेंद्र दुबे
July 30, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 30 जुलाई 2020, ग्रेटर नोएडा। ब्राम्हणों की हत्या के विरोध में अखिल भारतीय ब्राम्हण सभा द्वारा ग्रेटर नोएडा में प्रदर्शन किया गया। यह बात शासन प्रशासन को नागवार गुजरी और उन्होंने 5 ब्राम्हणों को गिरफ्तार कर लिया और 50 के खिलाफ अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर दिया। हालांकि कोर्ट ने गिरफ्तार किए गए लोगों को जमानत दे दी है। यह कैसी तानाशाही है सरकार की , उत्तरप्रदेश में ब्राम्हणों का कत्लेआम होता रहे और सरकार तमाशबीन बनी रहे। अगर समाज के लोगों ने आवाज उठाने का प्रयास किया तो उन पर मुकदमा ठोंककर उनकी आवाज को दबाया जा रहा है । पुलिस को इस प्रदर्शन में कानून का उल्लंघन दिखता है लेकिन सेक्टर 24 थाने के आगे कई घण्टे तक भाजपा द्वारा किये गए विरोध प्रदर्शन में कानून का उल्लंघन नहीं दिखता ना ही अग्रसेन धर्मशाला में पार्टी कार्यकर्ताओं को कोरोना योद्धा प्रमाण पत्र देते समय हुई भीड़ के बावजूद भी पुलिस प्रशासन को कोई तकलीफ नहीं होती है । और भी ऐसे तमाम कार्यक्रम हुए। सरकार के विरोध में जो स्वर उठें उनको वहीं दबा दो यही ध्येय बन गया है इनका। शासन प्रशासन पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाकर कार्य कर रहा है जो कि सरासर गलत है। अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना संवैधानिक अधिकार है लेकिन यह सरकार लोकतंत्र का गला घोंटने पर उतारू है।सरकार को ब्राम्हणों की अनदेखी और उनका अपमान बहुत महंगा पड़ेगा क्योंकि यह वही लोग है जिन्होंने भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनवाई थी।हमारी मांग शासन प्रशासन से है कि जिन पर मुकदमा दर्ज किया गया है उसे तुरंत वापस लिया  जाए।