भारतीय रेलवे ने एल्स्टॉम द्वारा बनाए गए लोकोमोटिव्स का उपयोग शुरू किया
May 21, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 21 मई 2020, नई दिल्ली। एल्स्टॉम ने भारतीय रेल को 12000 हॉर्सपॉवर, डब्लूएजी-12बी इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव्स की डिलीवरी शुरू कर दी, जिसके बाद देश में माल ढुलाई लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में क्रांति आ जाएगी। एल्स्टॉम द्वारा निर्मित एवं रेलवे मंत्रालय व रेलवे सुरक्षा आयुक्त (आरडीएसओ) द्वारा सर्टिफाईड ये डब्लूएजी 12बी इंजन भारतीय पटरियों पर चलने वाले सबसे ज्यादा पॉवर के लोकोमोटिव्स हैं।


डब्लूएजी 12बी (ई-लोको) की शुरुआत से भारी माल ढुलाई गाड़ियों का ज्यादा तीव्र व ज्यादा सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित होगा, जो 120 किलोमीटर प्रति घंटा की सर्वोच्च गति से 6000 टन फ्रेट की ढुलाई कर सकेंगे। समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर चलाने की योजना के साथ ये ई-लोको भारत में मालगाड़ियों की गति में 20 से 25 किलो मीटर प्रतिघंटा की बढ़ोत्तरी कर देंगे। इंसुलेटेड गेट बाईपोलर ट्रांज़िस्टर्स (आईजीबीटी) पर आधारित प्रोपल्ज़न टेक्नॉलॉजी युक्त इन इंजनों में रिजनरेटिव ब्रेकिंग के उपयोग के कारण बिजली की खपत में काफी बचत की जा सकेगी। साथ ही इस कदम से न केवल मालगाड़ी चलाने का खर्च कम होगा, अपितु भारतीय रेल के सामने कन्जेस्शन की समस्या घट जाएगी। इस परियोजना में स्थानीय विनिर्माण पर काफी बल दिया गया तथा डिलीवरी के शेड्यूल के अनुरूप 90 प्रतिशत लोकलाईज़ेशन के साथ हर साल 100 लोकोमोटिव की आपूर्ति की जाएगी।


एल्स्टॉम इंडिया एवं साउथ एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर के मैनेजिंग डायरेक्टर, एलेन स्पोहर ने कहा, ‘‘एल्स्टॉम को भारतीय रेल को इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की आपूर्ति शुरू करने की खुशी है। इसके आईआर फ्लीट में शामिल होने की शुरुआत से देश के प्रति हमारी प्रतिबद्धता प्रमाणित होती है। यह क्रांतिकारी उत्पाद ज्यादा तीव्र, सुरक्षित एवं ईको-फ्रेंडली होगा। साथ ही यह भारत में सतत मोबिलिटी के सफर मे एक नए अध्याय की शुरुआत है और हमे इस शुरुआत मे साझेदारी करने की खुशी है।’’
मेक-इन-इंडिया के आदेश के अनुरूप सभी 800 ई-लोको स्थानीय स्तर पर बनाए जा रहे हैं। एल्स्टॉम इंजीनियरिंग सेंटर, बैंगलुरू में डिज़ाईन किए गए ये ई-लोको बिहार के माधेपुरा में स्थित भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड मैनुफैक्चरिंग सुविधाओं में से एक में बनाए जा रहे हैं। 250 एकड़ के क्षेत्र में 120 लोकोमोटिव्स प्रतिवर्ष की उत्पादन क्षमता के साथ माधेपुरा की औद्योगिक साईट सुरक्षा व क्वालिटी के अंतर्राष्ट्रीय मापदंडों के अनुरूप बनी है।
योजना के अनुरूप सहारनपुर एवं नागपुर के दो अल्ट्रा-मॉडर्न मेंटेनेंस डिपो सभी लोकोमोटिव्स के लिए सर्विस की उच्च उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। सहारनपुर डिपो पहले से काम कर रहा है और नागपुर डिपो निर्माणाधीन है। अल्ट्रा मॉडर्न फीचर्स के साथ ये डिपो काफी कम लागत में भारत के सबसे आधुनिक फ्रेट लोकोमोटिव के रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।