अभातशिप-विश्वकर्मा पुरस्कार 2019 का समापन समारोह
February 25, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार मंगलवार 25 फरवरी 2020 नई दिल्ली। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद में विश्वकर्मा पुरस्कार 2019 का पुरस्कार वितरण समापन समारोह आयोजित किया गया। विजेताओं को माननीय केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री, श्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' जी द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए । छात्र विश्वकर्मा पुरस्कार (सी.वी.ए.) की विभिन्न उप-श्रेणियों के अंतर्गत कुल 23 टीमों को पुरस्कार प्रदान किये गए। उत्कृष्ट संस्थान विश्वकर्मा पुरस्कार (यूएसवीए) के अंतर्गत, 06 संस्थानों को माननीय मंत्री महोदय द्वारा सम्मानित किया गया।


अभातशिप वर्ष 2017 से विश्वकर्मा पुरस्कारों का आयोजन कर रहा है। यह पुरस्कार अपने अनुमोदित संस्थानों के हितधारकों के माध्यम से समाज के समग्र विकास के लिए अभिनव भावना और वैज्ञानिक स्वभाव को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया है। पुरस्कारों का उद्देश्य युवा व्यक्तियों को प्रेरित करना, नेतृत्वकर्ताओं और संस्थानों / संगठनों को उनके विशिष्ट डोमेन में अपने प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए प्रेरित करना है, जिससे समग्र रूप से राष्ट्र की उन्नति और संपूर्ण विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। वर्ष 2019 के विश्वकर्मा पुरस्कार के तीसरे संस्करण के लिए प्रविष्टियों के आमंत्रण की घोषणा पूर्व में माननीय मंत्री महोदय द्वारा 11 सितंबर 2019 को घोषित की गई थी और यह "गांव की आय कैसे बढ़ाएं" विषय पर आधारित थी। इंडियन सोसाइटी ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (ISTE) और नीति (NITI) आयोग के अटल इनोवेशन मिशन ने भी विश्वकर्मा पुरस्कार 2019 के लिए AICTE के साथ सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की। इसके तहत 02 श्रेणियों में आवेदन मांगे गए थे:
(क) श्रेणी-I: छात्र विश्वकर्मा पुरस्कार (सीवीए) ___ उत्कृष्ट नवाचार टीम के लिए (छात्रों और मेंटर हेतु)
लिए (छात्रों और मेंटर 
(ख) श्रेणी- ||: उत्कृष्ट संस्थान विश्वकर्मा पुरस्कार (यूएसवीए) __ अनुकरणीय संस्थागत सहयोग हेतु ।
छात्र विश्वकर्मा पुरस्कार के तहत, विभिन्न संस्थानों, पैन इंडिया की 2372 टीमों ने अपने समाधान प्रस्तुत किए थे। मूल्यांकन के तीन चरणों के बाद, 117 टीमों को 24 फरवरी 2020 को अभातशिप मुख्यालय, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कन्वेंशन और प्रदर्शनी में अपने प्रोटोटाइप का कार्यात्मक प्रदर्शन करने के लिए चुना गया। अंत में, 23 टीमों को 8 अलग-अलग उप-श्रेणियों के तहत पुरस्कार के लिए निर्णायक-मण्डल द्वारा चुना गया। . प्रशस्ति-पत्र और नकद पुरस्कार (रु. 51,000, रूपये 31,000 और रुपये 21,000) के पुरस्कार माननीय मंत्री महोदय द्वारा प्रत्येक उप-श्रेणी में शीर्ष तीन टीमों को प्रदान किए गए।
संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने के लिए, उत्कृष्ट संस्थान विश्वकर्मा पुरस्कार के तहत, परिषद ने अभातशिप द्वारा अनुमोदित उन संस्थानों से आवेदन आमंत्रित किए, जिन्होंने उल्लेखनीय रूप से गांव की तरक्की और विकास के लिए योगदान दिया है। इसके तहत परिषद को 188 आवेदन प्राप्त हुए। तत्पश्चात, एक विस्तृत संवीक्षा एवं संस्थानों का दौरा करने के पश्चात, 06 संस्थानों को माननीय मंत्री महोदय द्वारा पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान सम्मानित किया गया है। तीन संस्थानों को गाँव के विकास में उनके सराहनीय कार्य के लिए प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया, जबकि तीन अन्य को सर्वोत्तम प्रथाओं के लिए सम्मानित किया गया ।
नीति आयोग ने शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (एसीआईसी) के प्री-इंक्यूबेशन केंद्रों के माध्यम से उनके विचारों को वास्तविकता में लाकर सहयोग देने पर सहमति व्यक्त की है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के नवप्रवर्तन प्रकोष्ठ ने मूल्यांकन की उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद छात्र विश्वकर्मा पुरस्कार की कुछ सर्वश्रेष्ठ टीमों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की भी घोषणा की है। इसके अलावा, आईआईटी, दिल्ली ने भी गांव में अपने विचारों को लागू करने के लिए संस्था को वित्तीय सहायता प्रदान करके अपने उन्नत भारत अभियान (यूबीए) कार्यक्रम के माध्यम से विश्वकर्मा पुरस्कारों के सर्वश्रेष्ठ तकनीकी सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की है
आयोजन के दौरान, माननीय मंत्री महोदय की उपस्थिति में अभातशिप और आईआईटी कानपुर, आईआईटी रोपड़, आईआईटी भुवनेश्वर और आईआईएसईआर पुणे के बीच चार समझौता-ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए। इन समझौता-ज्ञापनों का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसर पैदा करना है, जिसका उद्देश्य ऐसे छात्रों को उच्च शिक्षण संस्थानों में अकादमिक संस्कृति को उपलब्ध करवाना और उन्हें रोजगार के लिए प्रेरित करना, सशक्त बनाना और उनका संवर्धन करना है। माननीय मंत्री महोदय ने अभातशिप कार्यकलाप पुस्तिका के डिजिटल संस्करण का विमोचन किया, जिसे अभातशिप के वेब पोर्टल पर डाला गया है। कार्यकलाप पुस्तिका अपने हितधारकों के लिए परिषद द्वारा चलाई जा रही महत्वपूर्ण पहलों और योजनाओं का एक व्यापक संकलन प्रदान करती है। इसमें एक सक्रिय डैशबोर्ड भी है जो लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं/ . पहलों (तथ्यों और आंकड़ों) पर लगातार नवीनतम जानकारी प्रदान करेगा।