6000 स्कूली छात्र ने अपने शहरों में जिम्मेदार ई-वेस्ट प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए हुए एकजुट
February 21, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार शुक्रवार 21 फरवरी 2020 नोएडा। प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए हुए एकजुट नोएडा/ग्रेटर नोएडा, 20 फरवरी, 2020: 'करो संभव स्कूल प्रोग्राम' के तहत ग्रेटर नोएडा और नोएडा के युवा पर्यावरण योद्धाओं के लिए आज एक सम्मान समारोह का आयोजन द मंथन स्कूल, ग्रेटर नोएडा में किया गया। छह महीने तक चले स्कूल प्रोग्राम के सफल समापन पर यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान, विभिन्न श्रेणियों के तहत इलेक्ट्रॉनिक कचरा (ई-वेस्ट) प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कई स्कूलों को सम्मानित किया गया। करो संभव स्कूल प्रोग्राम का उद्देश्य ई-वेस्ट जैसे महत्वपूर्ण पर्यावरण मुद्दों के प्रति जागरूकता फैलाना और छात्रों को एक स्थायी जीवनशैली का नेतृत्व करने की दिशा में प्रेरित करना है।


करो संभव स्कूल प्रोग्राम के एक हिस्से के रूप में, करो संभव, एक निर्माता जिम्मेदारी संगठन (पीआरओ), पूरे भारत में जिम्मेदार ई-कचरा प्रबंधन समाधान विकसित करने और उन्हें लागू करने के लिए स्कूली छात्रों और शिक्षकों के साथ मिलकर काम करता है। जुलाई, 2017 से लेकर अबतक करो संभव राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के सहयोग से 2,684 स्कूलों में 8,05,200 छात्रों और 5,368 शिक्षकों तक पहुंच चुका है। करो के उत्पादक सदस्यों में एप्पल, डेल, एचपी, लेनोवो और वीवो जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स शामिल हैं।
प्रोग्राम के बारे में बात करते हुए, प्रांशू सिंघल, संस्थापक, करो संभव ने कहा, “छात्र हमारे समाज के नींव पत्थर हैं। इसलिए हमारे प्रोग्राम को स्कूलों में एक पर्यावरण आंदोलन खड़ा करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो छात्रों को अपने दैनिक जीवन में सुरक्षात्मक पर्यावरण रणनीतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। मैं नोएडा और ग्रेटर नोएडा के स्कूलों की ओर से इस उत्साहजनक प्रतिक्रिया को देखकर काफी खुश हूं। करो संभव पूरे भारत में ई-वेस्ट आंदोलन को खड़ा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य छात्रों के बीच ई-कचरा सहित महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मुद्दों के लिए जागरूकता पैदा करना और दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन लाना है।
9 अगस्त, 2019 को शुरू किए गए नोएडा और ग्रेटर नोएडा स्कूल प्रोग्राम में 20 स्कूलों में कक्षा 5 से लेकर 10 तक में पढ़ने वाले 6000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया और उन्होंने 25 किलोग्राम से अधिक ई-वेस्ट एकत्रित किया।
प्रोग्राम के समापान पर, संस्कार - द को-एजुकेशनल स्कूल को सबसे ज्यादा ई-वेस्ट एकत्रित करने और बेस्ट कम्यूनिटी आउटरीच के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया। ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल को सर्वश्रेष्ठ टूलकिट निष्पादन का प्रमाणपत्र दिया गया। कम्पलीशन प्रमाणपत्र संस्कार द को-एजुकेशनल स्कूल (प्लेटिनम), ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल (गोल्ड), द मंथन स्कूल (सिल्वर) को प्रदान किया गया।
प्रोग्राम के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए, मुख्य अतिथि सपना श्रीवास्तव, सहायक वैज्ञानिक अधिकारी, उत्तर प्रदेश दषण नियंत्रण बोर्ड, ने कहा, "हमें उत्तर प्रदेश प्रदषण नियंत्रा बोर्ड में ई-वेस्ट के संबंध में कई शिकायतें मिलती हैं और हम इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हैं। मेरा दृढ़ता से मानना है कि अगर कोई समाज में बदलाव लाना चाहता है, तो उन्हें बच्चों के साथ शुरू करना चाहिए। स्कूली छात्रों के लिए इस प्रोग्राम को विकसित करने के लिए मैं करो संभव को धन्यवाद देती हैं। अधिकांश लोग ई-वेस्ट से उत्पन्न होने वाले स्वास्थ्य खतरों से अनजान हैं। जागरूकता फैलाने में यह पहल एक महत्वपूर्ण KARO SAMBHAV Cohesive waste movement भूमिका निभा रही है। स्कूलों द्वारा ई-वेस्ट एकत्रित करने के लिए चलाए गए इस अभियान की सफलता का गवाह बनकर मुझे बहुत खुशी हो रही है।