3एम इंडिया ने ‘3एम-सीआईआई यंग इनोवेटर्स चैलेंज अवॉर्ड्स 2020’ के विजेताओं को किया सम्मानित
September 13, 2020 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचार, रविवार  13 सितम्बर 2020, नई दिल्ली। 3एम इंडिया ने बैंगलुरू में आयोजित 16वें सीआईआई इनोवेशन समिट 2020 के दौरान प्रतिष्ठित 3एम-सीआईआई यंग इनोवेटर्स चैलेंज अवॉर्ड्स के सातवें संस्करण के विजेताओं की घोषणा की। इस साल के चैलेंज का विषय था “Resilience and Resurgence: Innovating for Society 5.0”। जजों ने विभिन्न प्रकार की प्रविष्टियों को स्वीकार किया, जिनमें बुजु़र्गों, दिव्यांगों, स्वास्थ्यसेवा कर्मियों एवं कृषि कर्मियों के लिए आधुनिक टेक समाधान शामिल थे। प्रतियोगिता में तीन मुख्य पहलुओं पर ध्यान केन्द्रित किया गयाः इनोवेशन, उद्यमिता और स्थायी जीवनशैली। प्रतियोगिता ने ऐसे युवा इनोवेटर्स को आकर्षित किया, जिनके आधुनिक विचार समाज कल्याण के लिए क्रान्तिकारी साबित हो सकते हैं। प्रतियोगिता के लिए शानदार प्रतिक्रिया मिली, देश भर से 2500 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुईं।
ब्राण्ड 3एम को अपनी आधुनिक संस्कृति के लिए जाना जाता है। इनोवेशन की संस्कृति को बढ़ावा देने और देश भर के इनोवेटर्स को एक समावेशी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए 3एम इंडिया ने 2014 में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज़ (सीआईआई) के साथ हाथ मिलाए।


इस चैलेंज के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, पर्यावरण, प्रशासन और/ या समावेशी विकास के क्षेत्रों में आइडियाज़ और प्रोजेक्ट्स को आमंत्रित किया जाता है। इसकी सफलता की पुष्टि इस बात से होती है कि पिछले सालों के दौरान प्रतियोगिता तेज़ी से लोकप्रिय हुई है, 2019 में इसके लिए 800़ प्रविष्टियां आईं, जो 2020 में बढ़कर 2500़ हो गईं। रोचक तथ्य यह है कि ‘ग्रामीण इनोवेशन’ कैटेगरी ते़ज़ी से लोकप्रिय हो रही है और तीसरे साल में प्रविष्टियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
पिछले साल से चुनाव एवं एंगेजमेन्ट प्रक्रिया लगातार विकसित हुई है, 3एम ने प्रतियोगिता के आयोजन में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। पिछले साल की तुलना में मूल्यांकन प्रक्रिया में संशोधन किए गए हैं, प्राथमिक अवस्थाओं में उम्मीदवारों के मूल्यांकन के लिए बाहरी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इसी बीच, फाइनल मुकाबले में जज पैनल का विस्तार किया गया, 3-4 सदस्यों की जूरी से विस्तारित कर हर श्रेणी के लिए 4 सदस्यों का एक्सक्लुज़िव पैनल बनाया गया। इस पैनल में सामाजिक क्षेत्र, कॉर्पोरेट क्षेत्र के विशेषज्ञ तथा अन्तर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हैं। सम्पूर्ण चैलेंज का आयोजन वर्चुअल तरीके से किया गया, प्रतियोगिता को रोचक बनाने के लिए विशेष प्रश्नोत्तर सत्रों (Ask Me Q&A) का आयोजन भी किया गया।
इस साल छह विजेता रहे, सर्विस इनोवेशन, प्रोडक्ट इनोवेशन और रूरल एण्ड इन्क्लुज़िव इनोवेशन की प्रत्येक श्रेणी में दो विजेता घोषित किए गए। हर कैटेगरी में दो पुरस्कार घोषित किए गए, अवधारणात्मक प्रोटोटाईप के साथ ठोस निष्पादन योजनाओं के लिए ‘आइडिया पुरस्कार’ तथा संस्थागत या व्यक्तिगत स्तर पर सामाजिक रूप से ज़िम्मेदार प्रभाव के लिए ‘इम्पैक्ट पुरस्कार’। साथ ही, इस साल जजों ने विशेष टीम-स्पेशल मेंशन- का उल्लेख करने का फैसला भी लिया, जिसके आइडियाज़ पर विशेष रूप से रोशनी डाली जानी चाहिए। विजेताओं को कुल रु 3,00,000 के पुरस्कार तथा स्पेशल मेंशन को रु 1,50,000 के पुरस्कार दिए गए।
विजेताओं को बधाई देते हुए श्री रमेश रामदुराई, मैनेजिंग डायरेक्टर, 3एम इंडिया ने मौजूदा प्रणाली में इनोवेशन के बढ़ते महत्व पर बात करते हुए कहा, ‘‘3एम  में, हम समझते हैं कि इनोवेशन समावेशी, लागत प्रभावी और स्थायी होना चाहिए। हमारा मानना है कि स्टैम शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को अनुकूल माहौल उपलब्ध कराना ज़रूरी है। देश भर के युवा इनोवेटर्स को पहचान कर उन्हें प्रेेरित करने के लिए सीआईआई के सहयोग से हमने इस पुरस्कार की शुरूआत की है।