28 दिन में 14 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए श्री करतारपुर साहिब के दर्शन
December 8, 2019 • Daily Shabdawani Samachar

शब्दवाणी समाचारवार 08 दिसम्बर 2019 नई दिल्ली। श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए बेशक पाकिस्तान और भारत सरकार ने सहमति जताकर कॉरिडोर से पांच हजार श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति दी है लेकिन हकीकत यह है कि भारत से जाने वाले श्रद्धालु अभी दो हजार प्रतिदिन का आंकड़ा भी छू नहीं पाए हैं। एक माह पूरा होने जा रहा है और पिछले 28 दिन में 14 हजार 350 श्रद्धालुओं ने श्री करतारपुर साहिब में माथा टेका है। पिछले माह नौ नवंबर को पहला जत्था पाकिस्तान गया था, जिसमें सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके मंत्री शामिल थे। उस दिन संख्या 562 थी। इसके बाद 12 और 17 नवंबर दो दिन ही ऐसे थे, जब संख्या 500 पार गई। अन्यथा यह संख्या 200 के आसपास ही रही।


23 नवंबर को 665 श्रद्धालु तो 24 नवंबर को 1467 श्रद्धालु पाक गए। सबसे अधिक एक जनवरी को 1744 श्रद्धालु कॉरिडोर से पाकिस्तान गए। सूत्रों के मुताबिक शनिवार व रविवार को श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है। कॉरिडोर तो बना दिया, जवानों के लिए कमरे नहीं बना पाए वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवान रात गुजारने के लिए जगह को तरस रहे हैं। कॉरिडोर के जरिए पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं की चेकिंग की जिम्मेदारी बीएसएफ को दी गई है। इसकी तीन टुकड़ी राजस्थान के बीकानेर से लेकर तैनात की गई हैं।
एक टुकड़ी में 147 जवान हैं, जिसमें महिला कांस्टेबल भी शामिल हैं। सीमा सुरक्षा बल के 400 से अधिक जवानों के कंधों पर कॉरिडोर की सुरक्षा है। जवानों को डेरा बाबा नानक और आसपास के इलाकों में बने बीएसएफ के छोटे छोटे कैंपों में अलग-अलग कर ठहराया गया है।
नियमानुसार और सुरक्षा के लिहाज से कॉरिडोर टर्मिनल पर ही सुरक्षा बल के जवानों के रिहायशी कमरे होने चाहिए लेकिन वह दूर दराज के बेस कैंपों में रह रहे हैं। जवान कहते हैं कि दिक्कत तो हमें काफी आ रही है, पर अनुशासन फोर्स होने के नाते हम न बोल सकते हैं न कुछ कह सकते हैं। खाना भी साथ लेकर आना पड़ता है, ठंडा हो जाता है। यहां कोई इंतजाम नहीं है। सरकार को रहने के लिए कमरे तो तैयार करने चाहिए थे।